comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

हादसा: पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट लैब में आग लगने से 5 मजदूरों की मौत, परिजनों को 25 लाख के मुआवजे का ऐलान, 9 की जान बचाई


डिजिटल डेस्क, पुणे। महाराष्ट्र पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के नए प्लांट में दोपहर करीब 3 बजे टर्मिनल-1 की चौथी और पांचवीं मंजिल पर आग लग गई। इससे 5 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 9 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट देश में कोवीशील्ड कोरोना वैक्सीन मुहैया करा रहा है। हालांकि वैक्सीन को किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है, वहीं सीरम की ओर से मृतकों के परिजनों को 25 लाख के मुआवजे का ऐलान किया गया है।

जानकारी के अनुसार, पुणे के मंजरी में स्थित SII के नए प्लांट की निर्माणाधीन इमारत में दोपहर करीब 3 बजे आग लग गई थी, जिसका कारण प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। दमकल की 15 गाड़ियों ने डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद में रेस्क्यू टीम जब अंदर पहुंची तो उन्हें 5 मजदूरों की लाश मिली। इसके बाद शाम करीब 7.15 बजे यहां दोबारा आग लग गई, जिसे बुझाने में खासी मशक्कत हुई। हालांकि रेस्क्यू टीम ने 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। 

मृतकों में 3 यूपी-बिहार और 2 पुणे के
हादसे में जान गंवाने वालों में रमाशंकर और विपिन सरोज उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। सुशील पांडेय बिहार से यहां मजदूरी करने आए थे। महेंद्र इंगले और प्रतीक पश्ते पुणे के ही रहने वाले थे।

SII की BCG लैब के दो फ्लोर पर आग लगी।

कोवीशील्ड वैक्सीन को नहीं पहुंचा
SII के पुणे प्लांट में ही कोरोना से बचाव के लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोवीशील्ड वैक्सीन बनाई जाती है। माना जा रहा है कि यहां शॉर्ट सर्किट या वेल्डिंग की वजह से हादसा हुआ। जिस जगह आग लगी, उसे सीरम का मंजरी प्लांट कहते हैं। यह जगह कोवीशील्ड वैक्सीन की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से करीब एक किलोमीटर की दूर है। इस वजह से कोवीशील्ड को नुकसान नहीं पहुंचा।

जहां आग लगी, वहां टीबी का टीका बनता है
जिस इमारत में आग लगी, वहां पर टीबी से बचाव के इस्तेमाल होने वाली BCG वैक्सीन बनती है। यहां ठेका मजदूर बिजली का काम करने आए थे। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने बताया कि सरकार ने इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने इस प्लांट का उद्घाटन किया था
जानकारी के अनुसार, पुणे के मंजरी में स्थित SII के नए प्लांट में आग लगी थी। 300 करोड़ की लागत से बने इस प्लांट में बड़े पैमाने पर कोरोना की वैक्सीन कोविशील्ड का उत्पादन किए जाने की योजना है। पिछले साल ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने इस प्लांट का उद्घाटन किया था। हालांकि इस प्लांट में अभी वैक्सीन का उत्पादन शुरू नहीं हुआ है।

आग बुझाने के बाद टर्मिनल-1 की चौथी और पांचवीं मंजिल से 5 शव मिले।

मृतकों के परिजनों को 25 लाख का मुआवजा
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया अध्यक्ष और एमडी की ओर से जारी बयान में बताया गया कि आज सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में अत्यंत दुखद दिन है। हमें बेहद दुख हुआ है और दिवंगत लोगों के परिवार के प्रति हमारी संवेदना है। मानदंडों के अनुसार अनिवार्य राशि के अलावा प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने दुख जताया
पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में आग की दुर्घटना में हुई मौतें दुर्भाग्यपूर्ण हैं। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। 

पीएम बोले- हादसे से दुखी हूं
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में आग की वजह से हुई मौतों से बेहद दुखी हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उन लोगों के परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों। 

वैक्सीन का प्रोडक्शन नहीं रुकेगा: पूनावाला
SII के CEO अदार पूनावाला ने हादसे के बाद कहा कि मैं सरकार और लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि कोवीशील्ड के प्रोडक्शन को इस हादसे से कोई नुकसान नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए हमने कई प्रोडक्शन बिल्डिंग तैयार कर रखी हैं। कोवीशील्ड का प्रोडक्शन नहीं रुकेगा। दुर्भाग्य से कुछ लोगों की जान इस हादसे में गई है। इसका हमें गहरा दुख है। हम परिजनों को 25-25 लाख रुपए की मदद देंगे।

पुणे के पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता ने भी इसकी पुष्टि की कि कोवीशील्ड वैक्सीन प्लांट और स्टोरेज पूरी तरह सुरक्षित हैं। कोवीशील्ड को कैम्पस के अलग हिस्से में बनाया और स्टोर किया जाता है। हाल ही में यहां से वैक्सीन की खेप देशभर में पहुंचाने का सिलसिला शुरू हुआ है।

साजिश के दावे करने वालों को सब्र के टीके की जरूरत: उद्धव
सीएम उद्धव ठाकरे शुक्रवार दोपहर इस प्लांट का दौरा करेंगे। उन्होंने पूनावाला से भी बात की। जब मीडिया ने सीएम से पूछा कि क्या आग किसी साजिश की वजह से लगी है, इस पर उन्होंने कहा- इस तरह के दावे करने वालों को सब्र के टीके की जरूरत है।

कमेंट करें
PSVWG
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।