comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

CRIME: नागपुर में युवती से बर्बरता पूर्वक रेप, बेहोश कर प्राइवेट पार्ट में डाल दी रॉड

CRIME: नागपुर में युवती से बर्बरता पूर्वक रेप, बेहोश कर प्राइवेट पार्ट में डाल दी रॉड

डिजिटल डेस्क, नागपुर। पारडी थाना क्षेत्र में एक युवती से बर्बरता पूर्वक रेप किया गया है। विरोध करने पर आरोपी ने युवती को बेहोश कर उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दिया। आरोपी एक सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है। युवती भी इसी सूतगिरणी में काम करती है। युवती की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गोंदिया से गिरफ्तार किया है।

मुंह पर कपड़ा रख कर बेहोश किया
पुलिस के अनुसार पीड़ित 19 वर्षीय युवती एक सूतगिरणी में काम करती है, जबकि आरोपी योगीलाल रहांगडाले (52) भी उसी सूतगिरणी में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है। पीड़िता, उसका भाई, सहेली और योगीलाल एक ही फ्लैट में किराए से रहते हैं। 21 जनवरी 2020 को पीड़िता का भाई और उसकी सहेली किसी काम से गांव गए थे। फ्लैट में पीड़िता और योगीलाल ही थे। देर रात मौका पाकर योगीलाल ने पीड़िता के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसका पीड़िता ने विरोध किया।

शोर मचाने पर आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और पिटाई कर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। प्रतिकार करने पर योगीलाल ने युवती के मुंह पर कपड़ा रखकर उसे बेहोश कर दिया और उसके प्राइवेट पार्ट में राॅड डाल दिया। पीड़िता ने अपने बयान में इसका जिक्र किया है और पुलिस निरीक्षक सुनील चव्हाण ने भी इसकी पुष्टि की है।

आरोपी का 28 तक पीसीआर
घटना से डरी-सहमी युवती दूसरे दिन गांव चली गई और घटना की जानकारी अपने भाई को दी। उसके बाद 24 जनवरी की रात मामला थाने पहुंचा और 25 जनवरी को आरोपी को गोंदिया से तड़के गिरफ्तार किया गया। पीड़िता के मुंह से उसके साथ हुई बर्बरता की कहानी सुनकर पुलिस अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए थे। चिकित्सकीय जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने से पुलिस सक्रिय हुई और प्रकरण दर्ज कर योगीलाल को गिरफ्तार कर थाने लाया गया। वह गोदिंया जिले का निवासी है। उसका परिवार वहीं पर रहता है। अदालत में पेश कर योगीलाल को 28 तारीख तक पीसीआर में लिया गया है। जांच जारी है।

पुलिस कार्रवाई कर रही है
डॉ. भूषण कुमार उपाध्याय, पुलिस आयुक्त के मुताबिक पीड़िता ने बयान में रॉड की बात बताई है, लेकिन चिकत्सकीय जांच में कोई जख्म नहीं पाया गया है। पुलिस इसे गंभीरता से लेकर कार्रवाई कर रही है।

कमेंट करें
QIaXF
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।