दैनिक भास्कर हिंदी: महाशिवरात्रि: इन प्रतिमाओं के दर्शन से मिलता है ये फल, जानें इन दिव्य प्रतिमाओं के बारे में।

February 19th, 2019

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वैसे सामन्य रूप से महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा शिवलिंग के रूप में की जाती है।, लेकिन महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की मूर्ति पूजन का भी अपना ही एक महत्व है। श्रीलिंग महापुराण में भगवान शिव की विभिन्न मूर्तियों के पूजन के बारे में वर्णन किया गया है। इन सभी प्रतिमाओं का अलग अलग फल मिलता है। श्रीलिंग पुराण के अनुसार हम आपको बता रहे हैं उन प्रतिमाओं के बारे में, जिसका इस शिवरात्री दर्शन करना आपके लिए शुभ होगा।

1- महाशिवरात्रि के दिन कार्तिकेय के साथ भगवान शिव-पार्वती की मूर्ति की पूजा करने से मनुष्य की सभी कामनाएं पूरी हो जाती हैं। मनुष्य को सुख-सुविधा की सभी वस्तुएं प्राप्त होती हैं, सुख मिलता है। 

 2- शिवरात्रि के दिन जिस मूर्ति में भगवान शिव एक पैर, चार हाथ और तीन नेत्रों वाले और हाथ में त्रिशूल लिए हुए हों। जिनके उत्तर दिशा की ओर भगवान विष्णु और दक्षिण दिशा की ओर भगवान ब्रह्मा की मूर्ति हो। ऐसी प्रतिमा की पूजा करने से मनुष्य सभी बीमारियों से मुक्त रहता है और उसे अच्छी सेहत मिलती है। 

3- इस महापर्व पर भगवान शिव की तीन पैरों, सात हाथों और दो सिरों वाली मूर्ति जिसमें भगवान शिव अग्निस्वरूप में हों, ऐसी मूर्ति की पूजा-अर्चना करने से मनुष्य को अन्न और धन की प्राप्ति होती है। 

4- इस दिन जो मनुष्य माता पार्वती और भगवान शिव की बैल पर बैठी हुई मूर्ति की पूजा करता है, उसकी संतान प्राप्ति की इच्छा पूरी होती है।  
5- महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की अर्द्धनारीश्वर मूर्ति की पूजा करने से अच्छी पत्नी और सुखी वैवाहिक जीवन की प्राप्ति होती है। 

6- इस दिन जो मनुष्य भगवान शिव की उपदेश देने वाली स्थिति में बैठे भगवान शिव की मूर्ति की पूजा करता है, उसे विद्या और ज्ञान की प्राप्ति होती है। 

7- इस महापर्व पर नन्दी और माता पार्वती के साथ सभी गणों से घिरे हुए भगवान शिव की ऐसी मूर्ति की पूजा करने से मनुष्य को मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। 

8- माता पार्वती सहित नृत्य करते हुए, हजारों भुजाओं वाली भगवान शिव की मूर्ति की इस दिन पूजा करने से मनुष्य जीवन के सभी सुखों का लाभ लेता है। 
 9- चार हाथों और तीन नेत्रों वाली, गले में सांप और हाथ में कपाल धारण किए हुए, भगवान शिव की महाशिवरात्रि पर सफेद रंग की मूर्ति की पूजा करने से धन-संपत्ति की प्राप्ति होती है। 

 10- इस महापर्व पर काले रंग की, लाल रंग के तीन नेत्रों वाली, चंद्रमा को गले में आभूषण की तरह धारण किए हुए, हाथ में गदा और कपाल लिए हुए शिव मूर्ति की पूजा करने से मनुष्य की सभी परेशानियों समाप्त हो जाती है। रुके हुए काम भी पूरे हो जाते है। 

 11- ध्यान की अवस्था में बैठे हुए, शरीर पर भस्म लगाए हुए भगवान शिव की मूर्ति की शिवरात्रि पर पूजा करने से मनुष्य के सभी दोषों का नाश होता है। 

 12- दैत्य जलंधर का विनाश करते हुए, सुदर्शन चक्र धारण किए भगवान शिव की मूर्ति की पूजा करने से शत्रुओं का भय नही रहता है। 

 13- भोले बाबा जटा में गंगा और सिर पर चंद्रमा को धारण किए हुए, बाएं ओर गोद में माता पार्वती को बैठाए हुए और पुत्र कार्तिकेय और गणेश के साथ स्थित भगवान शिव की ऐसी मूर्ति की पूजा करने से घर-परिवार के झगड़े खत्म होते है और घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है। 

 14- शिवजी हाथ में धनुष-बाण लिए हुए, रथ पर बैठे हुए भगवान शिव की पूजा करने से मनुष्य को ज्ञात-अज्ञात किए गए पापों के भय से मुक्ति मिलती है। 

 15- जिस मूर्ति में भगवान शिव दैत्य निकुंभ की पीठ पर बैठे हुए, दाएं पैर को उसकी पीठ पर रखे और जिनके बाईं ओर पार्वती हों। महाशिवरात्रि पर ऐसी मूर्ति की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।