comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

स्मार्टफोन न हो तो अभिभावक स्कूल आकर ले सकते हैं साप्ताहिक वर्कशीट

July 03rd, 2020 12:41 IST
स्मार्टफोन न हो तो अभिभावक स्कूल आकर ले सकते हैं साप्ताहिक वर्कशीट

हाईलाइट

  • स्मार्टफोन न हो तो अभिभावक स्कूल आकर ले सकते हैं साप्ताहिक वर्कशीट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के स्कूलों में सोमवार से छात्रों के लिए दूरस्थ शिक्षा शुरू की जाएगी। कोरोना वायरस के कारण शिक्षा निदेशालय ने यह योजना बनाई है। प्रथम समूह केजी से कक्षा आठवीं के लिए है। इसमें दैनिक पाठ्यक्रम सामग्री और प्रश्नों के साथ छात्रों को वर्कबुक भेजी जाएंगे। यह बच्चों में पढ़ने, लिखने, समझने को बढ़ावा देंगे। शिक्षकों द्वारा बच्चों को अंक संबंधी अभ्यास और हैप्पीनेस सामग्री भेजी जाएगी।

दूसरे समूह कक्षा नौवीं और दसवीं का है। इस समूह के छात्रों के मूल विषय मजबूत करने के लिए विषय संबंधी सामग्री के साथ दैनिक कार्य, वर्कबुक भेजे जाएंगे। तीसरे समूह 11 वीं और 12 वीं के छात्र के लिए 12 विषयों में 2 घंटे तक की दैनिक ऑनलाइन कक्षाएं होंगी। इनमें अधिकांश बुनियादी विषयों को शामिल किया जाएगा तथा अधिकतम स्टूडेंट्स को शामिल करने का प्रयास होगा।

सभी स्कूलों के प्रमुख को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी कक्षा शिक्षक अपने स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता के अपडेटेड व्हाट्सएप समूह से जुड़े हों। शिक्षक उन माता-पिता ने नंबर की सूची भी बनाएंगे जो व्हाट्सएप पर उपलब्ध नहीं हैं। दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, जो माता-पिता व्हाट्सएप समूह में नहीं हैं, उनसे कक्षा शिक्षकों द्वारा फोन पर संपर्क किया जाएगा और पूरे सप्ताह के लिए वर्कशीट लेने के लिए स्कूल में आमंत्रित किया जाएगा।

सिसोदिया ने कहा, स्कूल में केवल माता-पिता को आमंत्रित किया जाएगा। पूर्ण असाइनमेंट को बच्चों या उनके माता-पिता द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से शिक्षक को वापस भेज दिया जाएगा। बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं अगले सप्ताह से शुरू होंगी। प्रत्येक कक्षा लगभग 45 मिनट की होंगी। प्रतिदिन अधिकतम दो कक्षाएं होंगी। स्कूल में संबंधित विषय शिक्षक अपने छात्रों के साथ फोन या व्हाट्सएप से अपनी शंकाओं का समाधान करेंगे। कक्षा 11 के छात्रों की कक्षाएं कक्षा 10 के बोर्ड परीक्षा परिणामों बाद शुरू होंगी।

कमेंट करें
f1exn
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।