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महिला सशक्तिकरण का असली उदाहरण हैं कंगना- अनुपम खेर

February 09th, 2019 18:51 IST
महिला सशक्तिकरण का असली उदाहरण हैं कंगना- अनुपम खेर

डिजिटल डेस्क, मुम्बई। बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत, फिल्मी सितारों से खफा हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हाल ही में कंगना की फिल्म द क्वीन आफ झांसी की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी, जिसमें बॉलीवुड सितारों के न पहुंचने से कंगना बहु​त नाराज थीं। उनका कहना ​था कि बॉलीवुड में उन्हें कोई पसंद नहीं करता। न ही उनकी फिल्मों को कोई रिस्पॉन्स देता है, ज​बकि उनकी परफॉरमेंस बेहतर होती है। उन्होंने कई फिल्मी सितारों पर आरोप लगाया कि उनकी फिल्म की ​स्क्रीनिंग पर जब वे मुझे बुलाते हैं तो मैं अपनी शूटिंग छोड़-छोड़ कर जाती हूं, लेकिन मेरी फिल्मों को न ही कोई सपोर्ट करता है और न ही प्रमोट। 

कंगना ने कहा कि 'मैं सिर्फ नेपोटिज्म के बारे में बात करती हूं इसलिए बॉलीवुड के कई लोगों को बुरा लगता है। मैं पहले सिर्फ इन्हीं मुद्दों पर बात करती थी, लेकिन अब मैं इनके पीछे पड़ जाऊंगी और इनकी वाट लगा दूंगी। सब मिलकर मेरे खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्हें कोई फिल्मों में काम तक नहीं देता।' कंगना ने आमिर और आलिया भट्ट पर भी तंज कसा। 

अनुपम खेर ने हाल ही अपने ट्विटर अकाउंट पर सवाल जवाब का सेशन रखा था। इस दौरान उनके एक फॉलोअर ने कंगना के सपोर्ट के बारे में ट्वीट करने को कहा। यूजर ने अपने ट्वीट में कहा कि 'बॉलीवुड में कोई भी कंगना की फिल्म 'मणिकर्णका' को सपोर्ट नहीं कर रहा है। क्या आप उनके सपोर्ट में ट्वीट करेंगे?'  

इसके बाद अनुपन ने अपने फैन की इच्छा का पूरा सम्मान किया और कंगना को 'रॉकस्टार' व महिला सशक्तिकरण का असली उदाहरण बताया। अनुपम ने ट्वीट कर बताया कि 'कंगना रनौत एक रॉकस्टार हैं। वह बेहतरीन हैं। मैं उनकी बहादुरी और परफॉर्मेंस की तारीफ करता हूं। वह महिला सशक्तीकरण का असली उदाहरण भी हैं।' जाहिर है कि अनुपन खेर का यह ट्वीट देखकर कंगना को अच्छा लगा होगा। अनुपम के सपोर्ट ने कंगना के गुस्से पर मरहम का काम किया होगा। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।