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टीवी की TRP लिस्ट आई सामने, बिग बॉस-14 को पीछे कर 'अनुपमां' ने मारी बाजी, फिनाले से पहले सलमान का शो टॉप 5 से हुआ बाहर

टीवी की TRP लिस्ट आई सामने, बिग बॉस-14 को पीछे कर 'अनुपमां' ने मारी बाजी, फिनाले से पहले सलमान का शो टॉप 5 से हुआ बाहर

डिजिटल डेस्क,मुंबई। टीवी शो की टीआरपी में ऐसा कम ही हुआ हैं जब बिग बॉस को किसी और शो ने पीछे किया हो, लेकिन इस बार सलमान खान के बिग बॉस ने कुछ खास कमाल नहीं किया। यही वजह हैं कि, 'अनुपमा' सीरियल एक बार फिर टीआरपी की लिस्ट में नंबर वन बन गया है। वही 'इमली' लगातार नंबर दो पर बरकरार है।

BARC इंडिया की 58वें हफ्ते की टीआरपी (TRP) रेटिंग आ गई हैं, जिसमें दोबारा 'अनुपमा' सीरियल ने बाजी मारी है। वही पिछले दो हफ्तें से सलमान के गुस्से ने अच्छी टीआरपी बटोरी है। इस हफ्ते ‘वीकेंड का वार’ की टीआरपी 2.4 आई तो पूरे हफ्ते ‘बिग बॉस’ की टीआरपी 1.9 आई है। फिलहाल एक नजर डालिए इस हफ्ते के टॉप-5 शोज पर- 

1- अनुपमा

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स्टार प्लस के सीरियल ‘अनुपमां ’ 3.8 की टीआरपी के साथ एक बार फिर अपने पहला स्थान पर बना हुआ है। शो के कहानी की बात करे तो, वनराज और अनुपमा तलाक लेने जा रहे हैं। काउंसलर ने उन्हें छह महीने के समय दिया है। शो की लीड एक्ट्रेस रुपाली गांगुली और एक्टर सुधांशु पांडे ने अपनी दमदार एक्टिंग से लोगों का दिल जीतने में कामयाब रहे है। 

2- इमली

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स्टार प्लस का सीरियल ‘इमली’ टीआरपी की लिस्ट में दूसरे नंबर पर है। बता दें कि, इस हफ्ते शो ने अपना रिकार्ड तोड़ दिया हैं और 3.1 मिलियन व्यूज हासिल किया है। वही मयूरी देशमुख, गशमीर महाजनी और सुंबुल तौकीर की ये कहानी यंगस्टर और एक स्पार्ट विलेज पर बनाई गई है। लोग इस शो को काफी पसंद कर रहे है। क्योंकि इसमें इमली और आदित्य की लव स्टोरी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। जल्द ही घरवालों को आदित्य और इमली के शादीशुदा होने का सच पता चलने वाला है।

3- गुम है किसी के प्यार में

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स्टार प्लस का शो 'गुम है किसी के प्यार में' टीवी टीआरपी लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। ये स्टोरी एक आईपीएस ऑफिसर विराट की है, जो पाखी से प्यार करता है। वही शो को इस हफ्ते 3.0 मिलियन व्यूज मिले है। बता दें कि, सीरियल में पाखी और विराट का किरदार निभाने वाले एक्टर्स नील भट्ट और ऐश्वर्या शर्मा ने हाल ही में एक-दूसरे से सगाई की है, लेकिन सीरियल में साई उनकी पत्नी का किरदार निभा रही है।

4- कुंडली भाग्य

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जी टीवी में श्रद्धा आर्या और धीरज धूपर स्टारर 'कुंडली भाग्य' सीरियल टीआरपी के मामले में पिछड़ गया है। इस हफ्ते वो एक पायदान नीचे गिर गया है। करण और प्रीता की प्रेम कहानी को ऑडियंस ने हमेशा पसंद किया है लेकिन इस बार कुछ स्पार्क कम होता नजर आ रहा है।शो को इस हफ्ते 2.9 मिलियन व्यूज मिले हैं।

5- ये रिश्ता क्या कहलाता है

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'ये रिश्ता क्या कहलाता है' इस बार टॉप-5 में अपनी जगह बना चुका हैं। नायरा की मौत के बाद दर्शक काफी निराश थे लेकिन कार्तिक और सीरत की नई कहानी फैंस का दिल जीत रही है। शो को इस हफ्ते 2.7 मिलिनय व्यूज मिले हैं। वैसे इतने ही व्यूज 'इंडियन आइडल 2020' को भी मिले हैं। बता दें कि, 'इंडियन आइडल 2020' काफी लंबे समय से टॉप 5 में बना हुआ है। 


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।