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कार रेसर से पोर्न स्टार बनी रेनी ग्रेसी, 6 दिन में कमाए 18 लाख, अब लोगों को है पहले वीडियो का इंतजार

कार रेसर से पोर्न स्टार बनी रेनी ग्रेसी, 6 दिन में कमाए 18 लाख, अब लोगों को है पहले वीडियो का इंतजार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एडल्ट स्टार रेनी ग्रेसी (Renee Gracie) इन दिनों इंटरनेट सनसनी बनी हुई हैं। रेनी को सर्च करने वालों की तादाद लाखों में है। कार रेसिंग की दुनिया को छोड़कर पोर्न इंट्रस्टी में कदम रखने वाली रेनी ने महज 6 दिनों में 24000 USD यानि लगभग 18 लाख रूपये की कमाई कर ली है। ‘डेली टेलीग्राफ’ को दिए एक इंटरव्यू में रेनी ने बताया था कि फाइनेंशियल प्रॉब्लम की वजह से उन्हें ये कदम उठाना पड़ा। रेनी के इस फैसले का सपोर्ट उनके परिवार ने भी किया। रेनी ने बताया कि मैं अब एक घर खरीदने में सक्षम हूं। मैंने घर के लिए एक लोन लिया था, जिसकी किस्त मुझे 30 साल तक चुकानी थी, लेकिन अब में इस लोन को महज 12 महीनें में चुका दूंगी।  

पोर्न वेबसाइट पर सर्च किया जा रहा है वीडियो
रेनी ग्रेसी की फैन फोलोइंग इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि पोर्न इंडस्ट्री में जाने का ऐलान करने के बाद से तमाम पोर्न साइट पर उनका पहला वीडियो सर्च किया जा रहा है। बता दें कि रेनी ग्रेसी इंटरव्यू के महज कुछ ही घंटों के बाद गूगल पर ट्रेंड करने लगी थीं। 

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14 साल की उम्र में कार रेसिंग की दुनिया में रखा था कदम
ऑस्ट्रेलिया की महिला सुपरकार ड्राइवर रेनी ने महज 14 साल की उम्र में कार रेसिंग की दुनिया में कदम रख दिया था। बचपन से कार की शौकीन रही रेनी ने साल 2013-14 में पॉर्श करेरा कप ऑस्ट्रेलिया चैंपियनशिप के साथ अपना कार रेसिंग करियर शुरू किया था। ग्रेसी ने साल 2015 में स्विस कार रेसर सिमोना डी सिल्वेस्ट्रो (Simona de Silvestro) के साथ जोड़ी बनाकर ऑस्ट्रेलिया के 'बाथरस्ट 100 सुपर कार रेस' में हिस्सा लिया था। इस रेस में रेनी टॉप-10 में जगह बनाने में कामयाब रही थीं, लेकिन बेहतर प्रदर्शन न करने की वजह से उन्हें दूसरी फीमेल ड्रायवर ने रिफ्लेस कर दिया था। बदकिस्मती से उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिल पाए, जिसकी वजह से उन्हें अपना मोटरस्पोर्ट्स करियर को बीच में ही छोड़ना पड़ा और कुछ अलग पेशे की तलाश करने लगीं। 

Mt Panorama to porn: Supercars driver's shock career move | Chronicle

लोकल कार यार्ड में किया था काम 
सुपर कार रेसिंग से कमाई न होने की वजह से रैनी ग्रेसी पर आर्थिक संकट आ गया था। वे परिवार की किसी भी तरह से मदद नहीं कर पा रही थीं, इसलिए रेनी ने कार रेसिंग छोड़कर लोकल कार यार्ड में काम करना शुरू कर दिया था, फिर उन्होंने खुद को एडल्ट इंडस्ट्री से जोड़ने का फैसला किया ताकि वो अपनी आर्थिक तंगी से निजात पा सकें। डेली टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में ग्रेसी ने बताया कि वो मोटरस्पोर्ट्स में इतने पैसे नहीं कमा पा रहीं थीं, जिससे वो अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें। इसके बाद वो एडल्ट वेबसाइट से जुड़ी और अपनी  वीडियो और तस्वीरें शेयर करने लगीं। रेनी का कहना है कि वे अपने इस नए पेशे से बेहद खुश हैं। अब पूरी तरह से एक एडल्ट मॉडल बन चुकी हैं। 

Inside Renee Gracie's glam lifestyle from driving Mustang to ...

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।