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ट्विटर पर हैशटैग बॉयकॉटखान्स, हैशटैग सपोर्ट्ससेल्फमेडएसआरके ट्रेंड में

June 22nd, 2020 19:00 IST
 ट्विटर पर हैशटैग बॉयकॉटखान्स, हैशटैग सपोर्ट्ससेल्फमेडएसआरके ट्रेंड में

हाईलाइट

  • ट्विटर पर हैशटैग बॉयकॉटखान्स, हैशटैग सपोर्ट्ससेल्फमेडएसआरके ट्रेंड में

मुंबई, 22 जून (आईएएनएस)। ट्विटर पर सोमवार को दो विरोधाभासी हैशटैग ट्रेंड में हैं। जहां सुशांत सिंह राजपूत के असामयिक निधन के लिए भाइभतीजावाद को जिम्मेदार मान रहे उनके प्रशंसक बॉलीवुड से खान अभिनेताओं का वर्चस्व खत्म करने की मांग कर रहे हैं और हैशटैग बॉयकॉटखान्स ट्रेंड कर रहा है वहीं, हैशटैगसेल्फमेडएसआरके भी ट्रेंड करने लगा है, जो बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के प्रशंसकों की ओर से आया माना जा रहा है।

एक यूजर ने ट्वीट किया, बिहार, झारखंड और यूपी में बंद कर दो खान्स की मूवी को तो कहीं नहीं चलेगा, तब पता चलेगा इनकों कि प्रतिभाएं सिर्फ बॉलीवुड के गॉडफादर के घर नहीं पैदा होती हैं। खासकर यशराज फिल्म और सभी सात प्रोडक्शन हाउस की फिल्म को इन तीनों राज्यों में बैन कर देना चाहिए। हैशटैगबॉयकॉटखान्स।

एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया, हैशटैगबॉयकॉटखान्स। अगर भ्रष्ट सरकार उन्हें न्याय नहीं दिला सकती तो फिर लोग दिला सकते हैं..हैशटैगसीबीआईइंक्वायरीफॉर सुशांत (सुशांत के लिए सीबीआई जांच)हैशटैगबीफेयरइनसुशांतमर्डरकेस (सुशांत की हत्या मामले में निष्पक्ष बने)।

एक यूजर ने लिखा कि शाहरुख तुम सर्वश्रेष्ठ हो लेकिन सुशांत की मौत के बाद से मैं तुमसे नफरत करता हूं।

लेकिन तभी हैशटैगसपोर्ट्ससेल्फमेडएसआरके भी ट्रेंड करने लगा।

एक प्रशंसक ने लिखा, हैशटैगसेल्फमेडएसआरके क्योंकि वह हर उस मध्यमवर्गीय परिवार और बाहर से आए शख्स के लिए प्रेरणा हैं जो बॉलीवुड इंडस्ट्री में बड़ा बनने का सपना देखता है।

एक अन्य प्रशंसक ने लिखा, राजकुमार राव, सुशांत सिंह, आयुष्मान ने हमेशा कहा है कि बॉलीवुड में प्रवेश के लिए शाहरुख उनके सबसे बड़े प्रेरमास्रोत रहे हैं। हैशटैगसपोर्ट्ससेल्फमेडएसआरके।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।