दैनिक भास्कर हिंदी: अगस्त में बॉलीवुड धमाका : साल की सबसे ज्यादा 21 फिल्में होंगी रिलीज

July 30th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। इस साल अगस्त में सबसे ज्यादा फिल्में रिलीज होने वाली हैं। महीने के चार शुक्रवारों में 21 छोटी-बड़ी फिल्में आएंगी। आमतौर पर एक महीने में ज्यादा से ज्यादा 11 फिल्में प्रदर्शित होती हैं। 21 में से 14 फिल्में बड़े और जाने-पहचाने नामों वाली हैं। इनमें मसाला और ऑफबीट दोनों होंगी। ट्रेड पंडितों के मुताबिक, अगस्त और सितंबर महीने हर साल ही ‘क्राउडेड’ रहते हैं। पिछले साल तो सितंबर में 23 फिल्में आई थीं।

ट्रेड पंडित अतुल मोहन के मुताबिक हाल के वर्षों में सालाना 150 से ज्यादा हिंदी फिल्में रिलीज हो रही हैं, जबकि उपलब्ध शुक्रवारों की संख्या 52 ही है। ऐसे में रिलीज को लेकर मारामारी होती है। अगस्त-सितंबर महीने में ज्यादा फिल्में आती हैं। वजह यह है कि जनवरी से मार्च तक त्योहारों का सीजन रहता है। अप्रैल के बाद आईपीएल आ जाता है और मई-जून में गर्मी की छुट्टियां। सितंबर बाद फिर से त्योहार शुरू हो जाते हैं। ऐसे में छोटे व मध्यम बजट की और एक्सपेरिमेंटल जॉनर की फिल्मों के लिए अगस्त-सितंबर के महीने बचते हैं, जहां उनको ठीक-ठाक संख्या में स्क्रीन्स मिल जाती हैं।

 


अगस्त में आने वाली फिल्मों में गोल्ड, सत्यमेव जयते, अंधाधुंध, यमला पगला दीवाना फिर से और हैप्पी फिर भाग जाएगी से सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं। सबकी अलग-अलग वजह है। गोल्ड पीरियड फिल्म है। इससे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें हैं। अक्षय कुमार की देशभक्ति वाली इमेज का फायदा इसे मिल सकता है। इसकी शूटिंग एक दर्जन से ज्यादा स्टेडियमों में हुई है। साथ ही 150 कलाकारों की भारी-भरकम फौज इसमें है। ‘सत्यमेव जयते’ जॉन अब्राहम की एक्शन फिल्म है। कहानी देशभक्ति और भ्रष्टाचार के विषय पर है। ‘अंधाधुंध’ श्रीराम राघवन और आयुष्मान खुराना की जोड़ी की थ्रिलर फिल्म है।

अंधे के रोल में आयुष्मान के कारनामे देखना दिलचस्प होंगे। यमला पगला दीवाना... की लाउड कॉमेडी में पूरा देओल परिवार गुजराती कनेक्शन में है। इसे 15 अगस्त को रिलीज किया जाना था। पर यह खिसककर 31अगस्त तक पहुंच चुकी है। ‘हैप्पी फिर... फ्रेंचाइजी फिल्म की अगली कड़ी है। वह ट्राइड और टेस्टेड तौर पर सफल रही है। इस बार इसमें चाइनीज गैंगस्टर का प्लॉट है। सोनाक्षी सिन्हा व पंजाबी स्टार जस्सी गिल भी फिल्म में हैं। बजट के लिहाज से देखें तो गोल्ड, हैप्पी फिर, विश्वरूपम-2, और सत्यमेव जयते बड़े बजट की फिल्में हैं। गोल्ड और विश्वरूपम-2 का बजट 50 करोड़ रुपए के आसपास होने का अनुमान है। हैप्पी फिर... और सत्यमेव जयते का बजट 40 और 30 करोड़ के अंदर होने की संभावना है। कारवां, राजमा चावल और लष्टम पष्टम 4 से 12 करोड़ के अनुमानित बजट वाली फिल्में हैं।

 


कुछ फिल्मों को डार्क हॉर्स माना जा रहा है। इनमें स्त्री और अनिल शर्मा की जीनियस है। स्त्री में राजकुमार राव और पंकज त्रिपाठी की हिट जोड़ी है। श्रद्धा कपूर भी फिल्में हैं। ‘जीनियस’ से उस डायरेक्टर की बड़े दिनों बाद वापसी हो रही है, जिसने गदर बनाई थी। यह भारतीय फिल्म इतिहास में ‘शोले’ और ‘हम आप के हैं कौन’ के बाद सबसे ज्यादा बार सिनेमाघरों में देखी गई थी। ‘जीनियस’ से वे अपने बेटे को लॉन्च कर रहे हैं।

कमल हासन की ‘विश्वरूपम2’ में आतंकवाद के जियोपॉलिटिक्स को बैकड्रॉप में रखा गया है। उनके शब्दों में ‘मैं दर्शकों को ऐसी जासूसी फिल्म देना चाहता था, जो ग्लोबल पॉलिटिक्स पर बेस्ड हो। इसमें हमने तालिबान, पाकिस्तान और खाड़ी देशों में अमेरिकी ‘दिलचस्पी’ के ताने-बाने को कहानी की शक्ल दी है। वर्ल्ड पॉलिटिक्स पर इस तरह की फिल्में कम बनती रही हैं।’

विनोद कापड़ी की ‘पीहू’ में एक इनोवेटिव एक्सपेरिमेंट है। वह यह कि यह संभवत: पहली ऐसी फिल्म होगी, जिसमें महज दो साल की बच्ची के किरदार के इर्द-गिर्द कहानी बुनी गई है। यह चौथे इफ्फी के इंडियन पैनोरमा की ओपनिंग फिल्म बनी थी। अब इसे रॉनी स्क्रूवाला और सिद्धार्थ रॉय कपूर रिलीज कर रहे हैं।

 



‘मुल्क’ अपने टॉपिक की वजह से अलहदा है। अनुभव सिन्हा के मुताबिक, ‘इसने अपने किरदारों के जरिए एक बहस छेड़ी है। वह यह कि जब तक जाति, नस्ल और मजहब का अहंकार रहेगा, तब तक अपराधों को जात-पात और मजहब के रंग से देखा जाता रहेगा। साथ ही यह भी कि हर मुल्क में बहुसंख्यक समाज की जिम्मेदारी है कि वह अल्पसंख्यक समाज की हिफाजत करें।