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टीवी पर फिल्में देखते हुए फोन स्क्रॉल करना सही लॉकडाउन कॉम्बो: 77 फीसदी भारतीय

October 28th, 2020 15:35 IST
टीवी पर फिल्में देखते हुए फोन स्क्रॉल करना सही लॉकडाउन कॉम्बो: 77 फीसदी भारतीय

हाईलाइट

  • टीवी पर फिल्में देखते हुए फोन स्क्रॉल करना सही लॉकडाउन कॉम्बो: 77 फीसदी भारतीय

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। जब देश में लॉकडाउन था और सिनेमा हॉल बंद थे तो छोटी स्क्रीन ने लोगों की रूचि हॉलीवुड फिल्म देखने में जगाई। यह बात एक नई रिपोर्ट में सामने आई है।

हॉलीवुड इज फॉर एवरीवन शीर्षक से आई नई रिपोर्ट के अनुसार, 177 मिलियन यानि कि 17.7 करोड़ दर्शकों ने भारत में टेलीविजन पर अंग्रेजी फिल्में और मनोरंजन चैनल देखे।

नीलसन द्वारा किए गए इस अध्ययन में मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद, लखनऊ और इंदौर सहित महानगरों और नान-मेट्रो शहरों के 1500 से अधिक सिने-प्रेमियों पर सर्वे किया गया। इसमें 82 फीसदी ने कहा कि लॉकडाउन के बीच टीवी देखना बड़ी स्क्रीन के अनुभव जैसा रहा, जबकि 81 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि कोविड के दौरान हॉलीवुड पारिवारिक रिश्तों को बेहतर करने के लिए शानदार तरीका रहा।

सर्वे में 81 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि छोटे पर्दे पर हॉलीवुड फिल्म देखना परिवार के साथ आउटिंग पर बाहर जाने से बेहतर विकल्प था। 76 प्रतिशत ने कहा कि अकेले टेलीविजन देखने की बजाय सबके साथ देखना बेहतर था।

वहीं जब बात ओटीटी पर टीवी को तरजीह देने की आई तो 88 फीसदी ने कहा कि हॉलीवुड वीएफएक्स और सुपरहीरो स्टंट को स्मार्टफोन की बजाय टीवी पर देखना अच्छा था। 77 फीसदी ने कहा कि स्मार्टफोन पर स्क्रॉल करते समय टीवी पर फिल्में देखना सबसे सही कॉम्ब्निेशन है।

यह किफायती भी था क्योंकि 76 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें कई चैनल तक पहुंचने के लिए केवल एक ही सर्विस प्रोवाइडर को पैसे देने थे।

लगभग 90 प्रतिशत दर्शकों ने कहा कि हॉलीवुड फिल्मों के सुपरहीरो के साथ बड़े हुए हैं, और लगभग 80 प्रतिशत दर्शक अपने पसंदीदा हीरो से प्रेरित महसूस करते हैं। 86 प्रतिशत दर्शकों के लिए हॉलीवुड कंटेन्ट से नई चीजों के लिए प्रयास करने की प्रेरणा मिली। 85 प्रतिशत को इससे अंग्रेजी भाषा बेहतर करने में मदद मिली।

स्टडी से यह भी पता चला कि भारत में हॉलीवुड के शौकीन लोग नए ट्रेंड्स का अनुसरण करते हैं और बॉलीवुड और क्षेत्रीय मनोरंजन की तुलना में उंची कीमत वाले प्रोडक्ट्स खरीदते और उनकी सोशल मीडिया पर भी मजबूत उपस्थिति है।

एसडीजे-एसकेपी

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