फर्जी खबर: किशन भरवाड़ हत्याकांड का वीडियो वायरल, जानें कितनी है सच्चाई

March 1st, 2022

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात के धांदुका का चर्चित किशन भरवाड़ हत्याकांड मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इस घटना के चलते कई हिंदू संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। गुजरात पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है। इसी सब के बीच अब सोशल मीडिया पर हत्या से जुड़े कई दावे वायरल हो रहे हैं। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक वीडियो बड़ी तेज़ी से शेयर किया जा रहा जिसमें कुछ लोग पुलीस से बहस करते नज़र आ रहे हैं। 

वायरल वीडियो के ज़रिए ये दावा किया जा रहा है कि धांदुका (जिस गांव में भरवाड़ की हत्या की गई थी) के हिंदू निवासी मुस्लिम परिवारों को जबरदस्ती गांव से निकाल रहे थे। इस वीडियो को टवि्टर यूज़र "हरीश राजगुरू" ने अपने अकाउंट पर शेयर किया। क्या ये वीडियो सच है या इसके जरिए भ्रम फैलाने की कोशिश, आइए जानते हैं...

एक और वीडियो वायरल
आपको बता दें कि इस घटना से जुड़ा एक और वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में प्रदर्शनकारी एक रैली में नारेबाजी करते दिखाई पड़ रहे हैं। ये वीडियो "महेश पटेल" नाम के एक यूज़र ने साझा किया। ये दोनों ही वीडियो फेसबुक और टवि्टर पर बड़ी तेज़ी से शेयर हो रहे हैं। 

वायरल विडियोज के पीछे का सच-
दोनों पोस्ट की जांच करने पर हमें ये मालूम पड़ा कि ये दोनों ही विडियोज़ किशन भरवाड़ हत्याकांड से दूर-दूर तक तालुक नहीं रखते। 
1.पहले वीडियो पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमने TV9गुजरात की 30 जनवरी 2022 कि रिपोर्ट सामने आई। इसमें कहा गया है कि अहमदाबाद के पिराना इलाके में इमामशाह दरगाह के बाहर दीवार बनाने के प्रशासन के फैसले का स्थानीय लोग विरोध कर रहे थे। पुलिस व नगर निगम के प्रतिनिधि भी आक्रोशित भीड़ को लेकर मौके पर पहुंचे। लोकल मीडिया चैनल ने भी इस घटना को कवर किया था।  
2. इस वीडियो में भी पिराना में हुई पूर्वकथित घटना को ही दर्शाया गया है।
मामले से जुड़े कई वीडियोज़ सोशल मीडिया साइट्स पर पोस्ट किये गये थे। ये पोस्ट "हज़रत पीर सैय्यद इमामुद्दीन" नाम के एक फेसबुक पेज ने शेयर किया था। इस पेज के ऐडमिन से बात करने पर ये बात साफ हो गई कि ये वीडियो पिराना में प्रदर्शन के दौरान लिए गये थे। बता दें कि पिराना प्रदर्शन को कवर करते हुए मीडिया रिपोर्ट भी प्रकाशित हुईं थीं, जिनमें वायरल वीडियो से मिलते जुलते दृश्य नज़र आ रहे हैं। 
3.इसके अलावा हमें इस दावे को साबित करने वाली कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली कि मुस्लिम निवासियों को गांव से बहिष्कृत किया जा रहा है। कई मीडिया रिपोर्टस में ये ज़रूर पाया जा सकता है कि धांदुका में गरमागरमी का माहौल है। हालांकि, एक स्थानीय निवासी ने कहा कि गांव में कई मुस्लिम परिवार रहते थे लेकिन हाल ही में कोई संघर्ष नहीं हुआ है।
4.धांदुका पुलीस से मामले पर बात करने पर पुलीस ने सभी दावों को झूठा करार दिया।पुलीस ने ये स्पष्ट किया कि मुस्लिम ग्रामीणों को खाली करने के लिए मजबूर किए जाने की खबर में कोई सच्चाई नहीं है।

निषकर्ष-
उपरोक्त तथ्यों से ये साफ हो जाता है कि वायरल हो रहे वीडियोज़ चर्चित किशन भरवाड़ हत्याकांड से संबंधित न होकर इमामशाह दरगाह के बाहर हो रहे प्रदर्शन से जुड़े हुए हैं। 

क्या है पूरा मामला
6 जनवरी को किशन ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि इससे उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। इस घटना के बाद 2 बाइक सवारों ने किशन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों युवक शब्बीर और इम्तियाज पठान को अरेस्ट किया था। मामले में रोज़ नये खुलासे हो रहे हैं।