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हयात रीजेंसी कोरोना इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाले दिल्ली के 4 प्रमुख होटलों में

June 13th, 2020 17:31 IST
 हयात रीजेंसी कोरोना इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाले दिल्ली के 4 प्रमुख होटलों में

हाईलाइट

  • हयात रीजेंसी कोरोना इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाले दिल्ली के 4 प्रमुख होटलों में

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 मरीजों की संख्या 36,000 के पार पहुंचने बाद दिल्ली सरकार ने चार प्रमुख होटलों, पुलमैन, हयात रीजेंसी, वसंत कॉन्टिनेंटल और अंदाज दिल्ली को अधिक मरीजों को रखने के लिए अस्पतालों के साथ अटैच होने का निर्देश दिया है।

दिल्ली सरकार ने आईजीआई एयरपोर्ट के पास स्थित पुलमैन होटल को अपने सभी कमरों को आइसोलेट और उन्हें अपोलो अस्पताल, सरिता विहार के अधिकार में देने के लिए निर्देशित किया है।

वसंत विहार के एसडीएम के आदेशानुसार, होटल अब अटैच अस्पताल के लिए एक विस्तारित अस्पताल होगा। दिल्ली सरकार ने कोविड-19 रोगियों की अधिक संख्या को समायोजित करने के लिए दिल्ली के विभिन्न होटलों के कमरों और बेड को अधिकार में लेकर निकटतम अस्पतालों के साथ होटलों को जोड़ने का निर्णय लिया है।

एक अन्य आदेश में, एसडीएम ने हयात रीजेंसी को 200 कमरों को आइसोलेट करने और फोर्टिस अस्पताल, वसंत कुंज को देने के लिए कहा है।

होटल वसंत कॉन्टिनेंटल को 117 कमरों को आइसोलेट करने और इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर हॉस्पिटल, वसंत कुंज के लिए रखने के लिए कहा गया है।

एयरोसिटी में हयात के एक कॉन्सेप्ट अंदाज दिल्ली को सभी कमरों को आइसोलेट करने और अपोलो अस्पताल, सरिता विहार के साथ अटैच करने के लिए कहा गया है।

इससे पहले भी कई होटलों को अस्पतालों के साथ अटैच किया जा चुका है।

यह कोविड-19 रोगियों की अधिक संख्या को समायोजित करने के लिए किया जा रहा है। शुल्क की दरें अस्पताल द्वारा तय की जाएंगी और अस्पताल फिर होटलों को भुगतान करेंगे।

अस्पताल पारस्परिक रूप से दरें तय करने के बाद अपने स्वयं के खर्च पर अपने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को समायोजित कर सकते हैं।

इस आदेश का पालन न करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2006 के तहत दंडात्मक प्रावधान्न के तहत दंडित किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने यह निर्धारित किया है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।