comScore

सरफेस डुओ के लिए एंड्रॉएड-11 अपडेट पर काम कर रही माइक्रोसॉफ्ट : रिपोर्ट

June 21st, 2020 18:01 IST
 सरफेस डुओ के लिए एंड्रॉएड-11 अपडेट पर काम कर रही माइक्रोसॉफ्ट : रिपोर्ट

हाईलाइट

  • सरफेस डुओ के लिए एंड्रॉएड-11 अपडेट पर काम कर रही माइक्रोसॉफ्ट : रिपोर्ट

सैन फ्रांसिस्को, 21 जून (आईएएनएस)। माइक्रोसॉफ्ट जुलाई के अंत में एंड्रॉएड-10 के साथ अपने फोल्डेबल स्मार्टफोन सरफेस डुओ को लॉन्च करने की योजना बना रही है। कंपनी द्वारा इसे बाद में एंड्रॉएड-11 में अपडेट किए जाने की भी संभावना है।

विंडोज लेटेस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने ड्यूल-स्क्रीन डिवाइस के लिए एंड्रॉएड-11 पर काम करना शुरू कर दिया है और लॉन्च के कुछ महीनों के भीतर इसे अपडेट कर दिया जाएगा।

एंड्रॉएड का अगला वर्जन संभवत: सितंबर में आधिकारिक किया जाएगा और तब संभावित सरफेस डुओ मालिक डिवाइस पर इसकी उम्मीद कर सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी दिग्गज अपने एज और आउटलुक एप्स को डुओ के डबल-स्क्रीन सेटअप के साथ मूल रूप से संगत बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।

सरफेस डुओ के मिड-रेंज स्पेक्स के साथ आने की उम्मीद है, जिसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 855 एसओसी, छह जीबी रैम और 64 या 256 जीबी इंटनरल स्टोरेज दिया जा सकता है।

डिवाइस में दाईं तरफ डिस्प्ले के ऊपर एक सिंगल 11 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर भी होगा, जो फ्रंट और रियर-फेसिंग फोटो और वीडियो दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह स्मार्टफोन स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर, छह जीबी रैम, 64 जीबी या 256 जीबी स्टोरेज विकल्प के साथ बाजार में उतारा जा सकता है।

स्मार्टफोन में दो समान आकार के 5.6 इंच के एएमओएलईडी डिस्प्ले के साथ 3460 एमएएच की बैटरी आने की संभावना है, जिसमें यूएसबी-सी फास्ट चाजिर्ंग की सुविधा होगी।

इस स्मार्टफोन में 5-जी की सुविधा नहीं होगी, मगर इसके बजाए यह 4-जी एलटीई गति से कुछ अधिक प्रदर्शन करेगा। यह भी अनुमान लगाया गया है कि डिवाइस में वायरलेस चाजिर्ंग और एनएफसी सपोर्ट का अभाव होगा।

कमेंट करें
Ke0ah
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।