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प्रधानमंत्री ने असम व त्रिपुरा के लोगों के व्यवसाय और मानवता की सराहना की

May 31st, 2020 19:01 IST
 प्रधानमंत्री ने असम व त्रिपुरा के लोगों के व्यवसाय और मानवता की सराहना की

हाईलाइट

  • प्रधानमंत्री ने असम व त्रिपुरा के लोगों के व्यवसाय और मानवता की सराहना की

गुवाहाटी/अगरतला, 31 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तर-पूर्व के लोगों को स्थानीय उत्पादों से व्यापार करने और कोरोनावायरस महामारी के समय लोगों की मदद करने के लिए के लिए शाबाशाी दी।

मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में कहा, असम के सुदीप ने मुझे ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प के अपने व्यवसाय के बारे में लिखा है। सुदीप ने अपने बांस आधारित हस्तशिल्प व्यवसाय को दो साल में वैश्विक ब्रांड में बदलने का फैसला किया है।

मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि आत्मनिर्भरता मिशन इस दशक में भारत को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

प्रधानमंत्री ने सब्जी विक्रेता गौतम दास की भी प्रशंसा की, जो अपनी रोजाना की कमाई से गरीबों को चावल और दाल उपलब्ध करा रहे हैं।

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के बाहरी इलाके में ठेले पर सब्जियां बेचकर जीवन यापन करने वाले दास ने गरीबों को कोविड-19 के बाद लागू किए राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान भोजन उपलब्ध कराया है।

जब प्रधानमंत्री ने अपने रेडियो कार्यक्रम में त्रिपुरा के व्यक्ति के बारे में बात की तो त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने भी उनका अभिवादन किया।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, त्रिपुरा के कार्ट-पुलर (रेहड़ी खींचने वाला) गौतम दास से मिलकर खुश हूं, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान लोगों की सेवा करने के लिए अपनी बचत खर्च की है। आज के मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी उनके प्रयासों की सराहना की। वह कई लोगों के लिए प्रेरणा हैं, हमारी सरकार हमेशा उनकी सहायता करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आर्थिक रूप से दास के परिवार की मदद करेगी। राज्य सरकार ने 12,000 विक्रेताओं की पहचान की है, जिन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से 1,000 रुपये दिए जाएंगे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।