Donald Trump Order: सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी को झटका, जन्मसिद्ध अधिकार से जुड़े कार्यकारी आदेश को किया रिजेक्ट

सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी को झटका, जन्मसिद्ध अधिकार से जुड़े कार्यकारी आदेश को किया रिजेक्ट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने मंगलवार को ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को रद्द कर दिया, जिसका मकसद जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करना था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने मंगलवार को ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को रद्द कर दिया, जिसका मकसद जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करना था।

कोर्ट ने लंबे समय से स्थापित सिद्धांत की पुन: पुष्टि करते हुए साफ किया कि अमेरिकी संविधान के तहत अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले करीब सभी बच्चों को नागरिकता का अधिकार प्राप्त है।

सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेश को निरस्त करने का फैसला 6-3 के बहुमत से दिया गया। यह फैसला ट्रंप की उस लंबे समय से चली आ रही नीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके तहत वे अवैध प्रवासियों और अस्थायी विदेशी निवासियों के यहां जन्म लेने वाले बच्चों को स्वतः अमेरिकी नागरिक बनने से रोकना चाहते थे।

मुख्य न्यायाधीश जॉन जी. रॉबर्ट्स जूनियर ने बहुमत की ओर से फैसला लिखते हुए कहा कि ट्रंप का कार्यकारी आदेश संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध प्रवासी माता-पिता या अस्थायी रूप से अमेरिका में रह रहे माता-पिता के यहां अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चे जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिक होते हैं।

मुख्य न्यायाधीश रॉबर्ट्स ने लिखा, 'नागरिकता तब भी और आज भी अधिकारों का अधिकार है। हमारी राजनीतिक व्यवस्था और समाज में स्वतंत्र रूप से भागीदारी करने का अधिकार। 14वें संशोधन के निर्माताओं ने इस वादे को इस भूमि पर जन्म लेने वाले प्रत्येक स्वतंत्र व्यक्ति तक विस्तारित किया था और आज हम उस वादे को कायम रख रहे हैं।'

ट्रंप ने 20 जनवरी, 2025 को जारी किया था कार्यकारी आदेश

गौरतलब है कि जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर कानूनी लड़ाई ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले ही दिन 20 जनवरी, 2025 को शुरू हो गई थी, जब उन्होंने 'अमेरिकी नागरिकता के अर्थ और मूल्य की रक्षा' शीर्षक से एक कार्यकारी आदेश जारी करने का ऐलान किया था।

इस आदेश में उन्होंने कहा था, 'अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले बच्चों को अब स्वतः नागरिकता नहीं दी जाएगी। विशेष रूप से, अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वाले प्रवासियों के यहां जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता नहीं मिलेगी। इसके अलावा छात्र, कामकाजी या पर्यटक वीजा जैसे वैध, लेकिन अस्थायी आधार पर अमेरिका में रह रहे माता-पिता के यहां जन्म लेने वाले बच्चों को भी नागरिकता नहीं दी जाएगी।'

अमेरिकी राष्ट्रपति के इस आदेश को तुरंत कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। नागरिक अधिकार संगठनों, प्रवासी अधिकार समूहों और गर्भवती महिलाओं ने अदालतों का रुख किया और मुकदमों के दौरान आदेश के अमल पर रोक लगाने में सफल रहे।

यह आदेश कभी लागू नहीं हो सका और ऐसे भी बहुत कम संकेत मिले कि प्रशासन नागरिकता व्यवस्था में उस बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा था, जिसकी आवश्यकता इस आदेश के लागू होने की स्थिति में पड़ती।

Created On :   1 July 2026 1:33 AM IST

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