PM Modi Meeting Secretaries: PM मोदी ने केंद्रीय सचिवों के साथ की मीटिंग, जानें 4 घंटे तक किन मुद्दों पर हुई चर्चा

PM मोदी ने केंद्रीय सचिवों के साथ की मीटिंग, जानें 4 घंटे तक किन मुद्दों पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ बैठक की। यह बैठक करीब 4 घंटे चली।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ बैठक की। यह बैठक करीब 4 घंटे चली। इस दौरान सरकार की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई। इससे आम आदमी को फायद मिले। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के लिए क्या-क्या प्रयास किए जा रहे हैं विभागों के साथ इन मुद्दों को लेकर चर्चा हुई।

पीएम मोदी ने केंद्रीय सचिवों को दिए निर्देश

पीएम मोदी ने बेहतर तालमेल और सही फैसले लेने के लिए 'पीएम गतिशक्ति' प्लेटफॉर्म का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने सचिवों से कहा कि सरकारी योजनाओं का असली उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका सीधा और सकारात्मक असर आम लोगों के जीवन पर दिखाई दे।

बैठक में पीएम मोदी ने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जब देश ब्रिटिश हुकूमत से आजाद होने के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा। पीएम मोदी ने सचिवों को गवर्नेंस और इंप्लीमेंटेशन पर फोकस रखने और सरकारी कार्यों को विशेष रूप से जन केंद्रीत पहलों में ढ़िल न देने पर फोकस किया।

पीएम ने "सुधार एक्सप्रेस" को लेकर की चर्चा

पीएम मोदी ने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जब देश ब्रिटिश सत्ता से आजादी के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा। बैठक में उन्होंने सचिवों को गवर्नेंस और इंप्लीमेंटेशन पर ध्यान केंद्रित रखने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि सरकारी कार्यों, खास तौर पर जन-केंद्रित पहलों में कोई ढिलाई या देरी न हो।

बता दें, इससे पहले पीएम मोदी ने अगले 10 वर्षों के लिए सुधार प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की थी। उन्होंने दावा किया था कि उनकी सरकार की ‘सुधार एक्सप्रेस’ व्यवस्थागत बदलाव लेकर आई है और नागरिकों को महत्वपूर्ण रूप से लाभ पहुंचाया है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने संरचनात्मक सुधारों पर अपडेट दिया। यह समीक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र सरकार ने हाल ही में रेलवे सहित कई मंत्रालयों में '52 सप्ताह में 52 सुधार' जैसी महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है, जिसमें इन्हें लागू करने की समय-सीमा स्पष्ट रूप से तय की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा तय समय-सीमा के भीतर परिणाम हासिल करने के महत्व पर जोर दिया है, जिससे समय-समय पर समीक्षा सरकार के कामकाज का एक अहम हिस्सा बन गई है।

Created On :   1 July 2026 12:34 AM IST

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