Indus Water Treaty: सिंधु जल संधि पर भारत के रुख से बौखला रहा पाकिस्तान, अब शहबाज सरकार ने नई दिल्ली से की ये अपील

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के सिंधु जल संधि पर सख्त रुख से पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तानी की शहबाज सरकार में सिंधु जल आयुक्त सैयद मोहम्मद मेहर ने मंगलवार को सिंधु जल संधि को लेकर बयान दिया। उन्होंने पाकिस्तान के लिहाज से सिंधु जल संधि को नेशनल सिक्योरिटी का मामला बताया। उन्होंने कहा कि पिछले साल अप्रैल से चिनाब नदी की धारा में उतार-चढ़ाव को लेकर हमने भारत को चार बार पत्र लिखा। लेकिन, वहां से अब तक कोई रिप्लाई नहीं आया है।
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चिनाब नदी में बहाव के बदलवा से पाकिस्तान को खतरा
इस्लामाबाद में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए सैयद मोहम्मद मेहर ने कहा 1960 से जल बंटवारे समझौते का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चिनाब नदी के पानी के बहाव में होने वाला बदलाव पाकिस्तान के लिए रणनीतिक खतरा है। उन्होंने कहा, 'ऐसा क्यों हो रहा है इससे पीछे की वजह और प्रोजेक्ट्स से जुड़ा डेटा भारत को देना चाहिए। भारत इस मामले पर कोई जवाब नहीं दे रहा है और उसकी चुप्पी हमारे लिए खतरा है।'
उन्होंने कहा, 'नदी के निचले हिस्से (डाउनस्ट्रीम) में मौजूद कोई भी जिम्मेदार देश या अधिकारी पानी के इस उतार-चढ़ाव को आम बात मानकर नजरअंदाज नहीं कर सकता, क्योंकि इससे नीचे रहने वाले लोगों की सुरक्षा जुड़ी है। सिंधु जल आयोग का गठन इन्हीं घटनाओं की जांच करने के लिए किया गया है। भारत की ओर से इस जल संधि को स्थगित रखने के बावजूद, पाकिस्तान ने पिछले साल इंटरनेशनल वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (आईडब्ल्यूटी) के तहत डेटा शेयर करने के चैनल को सक्रिय रखने की कोशिश की थी।'
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सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान ने लगाया ये आरोप
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक मेहर अली शाह का आरोप है कि पाकिस्तान तो सिंधु जल संधि के नियमों का पूरी तरह पालन कर रहा है, लेकिन भारत की तरफ से कोई जवाब या सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा, 'अगस्त 2023 के बाद से न तो कोई दौरा हुआ है और नहीं महीने के डाटे सौंपे गए हैं। इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने का खतरा है।' सिंधु जल संधि को लेकर मेहर अली ने भारत से तीन मांगें की। पहला- भारत और पाकिस्तान के कमिशन की तुरंत बैठक बुलाई जाए। दूसरा- दोबारा पानी का डेटा शेयर करना शुरू हो। तीसरा- दोनों देशों के अधिकारियों के दौरे और निरीक्षण फिर से शुरू हों।'
पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि मराला बैराज से भारत अपने निचले रास्तों को फिर से खोल रहा है, जिससे वह पजब चाहे अपनी मर्जी से बांध को खाली और दोबारा भर सकता है। पाकिस्तानी अधिकारी ने कह कि इससे पानी के बहाव पर भारत का पूरा कंट्रोल हो जाएगा, जो हमारे लिए बड़ा खतरा है। इसके अलावा पाकिस्तान ने चिनाब-ब्यास लिंक प्रोजेक्ट पर चिंता जताई है। इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत चिनाब नदी से करीब 19 लाख एकड़ फीट पानी को मोड़ सकता है।
Created On :   1 July 2026 12:50 AM IST












