MIZRAK Drone: तुर्किए ने तैयार किया अब तक का सबसे खतरनाक ड्रोन, 7 घंटे तक भर सकता है उड़ान, जीपीएस बंद होने पर भी करेगा काम, खुद करेगा लक्ष्य निर्धारित

तुर्किए ने तैयार किया अब तक का सबसे खतरनाक ड्रोन, 7 घंटे तक भर सकता है उड़ान, जीपीएस बंद होने पर भी करेगा काम, खुद करेगा लक्ष्य निर्धारित
तुर्किए के एआई कमिकाजे ड्रोन मिजराक (MIZRAK) पेश किया है। ये हजार किमी रेंज, 7 घंटे की उड़ान और 40 किलो वॉरहेड वाला लॉइटरिंग मुनिशन है। साथ ही ये बिना जीपीएस के भी आराम से काम कर सकता है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तुर्किए की फेमस कंपनी बायकर ने अपना एक नया कमिकाजे ड्रोन मिजराक बनाया है। ये ड्रोन इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। मिजराक का मतलब होता है तीर या भाला, जो कि ड्रोन के काम के हिसाब से रखा गया है। ये नाम ड्रोन के लिए बिल्कुल फिट है। ये ड्रोन लंबी दूरी तक उड़कर हवा में चक्कर लगाते हुए अपने आप ही अपने टारगेट को ढूंढता है और सही मौका मिलते ही उस पर हमला कर देता है।

लंबी दूरी के साथ है जबरदस्त ताकत

मिजराक एक बार उड़ान भर ले तो वो बिना रुके लगभग 7 घंटे तक आसमान में रह सकता है। साथ ही हजार किलोमीटर से भी ज्यादा की दूरी तय कर सकता है। इसकी रफ्तार करीब 185 किमी प्रति घंटे की है और ये 10 हजार फीट की ऊंचाई को भी आराम से छू सकता है। इसमें 40 किलो तक का विस्फोटक ले जाने की भी क्षमता है। इससे ये और बड़े स्तर पर दुश्मनों को नुकसान पहुंचा सकता है।

खुद सोचकर कर सकता है हमला

इस ड्रोन की सबसे खास बात ये है कि ये पूरी तरह से स्मार्ट है और अपने आप में ही काम करने वाला एक नया सिस्टम है। इसमें जो कैमरे और सेंसर लगे हैं, वे इलाके को पहचानते हैं और लक्ष्य पर नजर रखते हैं। ये सही समय आने पर खुद ही हमला कर सकता है, इसके लिए हर बार मैन पावर की या कंट्रोलिंग की कोई भी जरूरत नहीं है।

बिना नेविगेशन के भी कर सकता है काम

बता दें, आम ड्रोन सिग्नल पर डिपेंड होते हैं, लेकिन मिजराक बिना किसी सिग्नल या नेविगेशन के भी अपना रास्ता ढूंढ लेगा। इसमें ऐसी तकनीक लगाई गई है जो आसपास की जगहों, इमारतों और जमीन के निशानों को पहचानकर अपनी डेस्टीनेशन खुद तय कर सकती है। इस वजह से ही इस ड्रोन को रोकना बिल्कुल भी आसान नहीं होगा।

सुरक्षा एजेंसी के लिए खतरा

यह ड्रोन खास तौर पर उन इलाकों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है जहां पर सुरक्षा के लिए सिग्नल ब्लॉक किए जाते हैं। यह दूर से आकर लंबे समय तक किसी जगह के ऊपर घूम सकता है और मौका मिलते ही हमला कर सकता है। अगर एक साथ कई ड्रोन इस्तेमाल किए जाएं, तो बचाव करना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। मिजराक को आने वाले समय की नई तकनीक माना जा रहा है। यह दिखाता है कि अब ड्रोन सिर्फ उड़ने वाले यंत्र नहीं रहे, बल्कि खुद फैसले लेने वाले हथियार बनते जा रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को भी अब और ज्यादा मजबूत और स्मार्ट बनाना जरूरी हो गया है।

Created On :   2 May 2026 4:45 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story