US-Iran Tension: ईरान को हमले का डर? सेना के उपप्रमुख ने कहा अमेरिका और इजरायल फिर दाग सकते हैं मिसाइल, ट्रंप का भरोसा नहीं!

डिजिटल डेस्क, तेहरान। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच दोबारा जंग हो सकती है। ऐसी संभावना ईरान की सेना जता रही है। ईरानी सेना मुख्यालय के उप प्रमुख मोहम्मद जाफर असदी ने अपने एक बयान में कहा है कि अमेरिका किसी भी समझौते या संधि के प्रति वफादारी नहीं निभाता है। इस बयान की पुष्टि ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने की है। उसने आगे अपनी रिपोर्ट में बताया कि उप प्रमुख ने आरोप लगाया कि अमेरिकी अधिकारियों के हालिया बयानों और कदमों से कूटनीतिक समझौतें के प्रति गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
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तेल कीमतों पर क्या कहा?
रिपोर्ट में आगे उनके बयान के हवाले से लिखा गया, "अमेरिकी अधिकारियों के ज्यादातर बयान मीडिया को ध्यान में रखकर दिए जाते हैं, जिनका मकसद तेल की कीमतों में गिरावट रोकना और अपनी बनाई हुई स्थिति से बाहर निकलना है।" उन्होंने आगे यह भी बताया कि उनकी सेना पूरी तरह से एक्टिव है और हर किसी स्थित से निपटने को तैयार है। इसके साथ ही कहा, "अमेरिका की किसी भी नई हरकत या मूर्खता का जवाब देने के लिए हमारी सेना पूरी तरह तैयार है।"
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ट्रंप ने नए प्रस्ताव को किया खारिज
मोहम्मद जाफर असदी का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के साथ होने वाले नए समझौते प्रस्ताव को नकार दिया है। ट्रंप का कहना है कि वह ऐसी शर्तें रख रहा है, जिन्हें स्वीकार कर पाना संभव नहीं है। व्हाइट हाउस से फ्लोरिडा निकलते समय ट्रंप ने कहा, "वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मैं उससे संतुष्ट नहीं हूं।" इसके साथ ही बताया कि ईरान का नेतृत्व पूरी तरह से बिखर गया है, जो अलग-अलग समूहों में बदल गया है।
युद्ध पूरी तरह से बंद- ट्रंप
हालांकि, ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ हुए युद्धविराम के बाद संघर्ष पूरी तरह से समाप्त हो गया है। साथ ही 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' गैर-कानूनी ठहराया है। अमेरिका का यह कानून राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की अनुमति के 60-90 दिनों से ज्यादा समय तक यु्द्ध करने से रोकता है। यानी अमेरिकी सेना किसी विदेशी संघर्ष में नहीं उलझ पाए।
Created On :   2 May 2026 5:32 PM IST












