Us Iran Talks: ईरान और अमेरिका के बीच क्यों नहीं हो रही बातचीत? इस एक शर्त ने मुश्किल बना दी शांति वार्ता की राह

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हुआ था, जिसकी आखिरी तारीख निकल चुकी है। लेकिन अब तक दोनों देशों के बीच दोबारा बातचीत नहीं हुई है। अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल इस वक्त पाकिस्तान में है और ईरान का डेलीगेशन भी पहुंच गया है। इसी बीच पाकिस्तानी मीडिया की जानकारी के अनुसार, ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका से बात करने के लिए मना कर दिया है। उन्होंने अमेरिका के सामने एक बड़ी शर्त रख दी है।
ईरान की क्या है शर्त?
ईरानी प्रतिनिधिमंडल का साफ तौर पर कहना है कि अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत तभी ही होगी, जब वे अपना नेवल ब्लाकेड स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नहीं हटा देता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व वाला ईरान डेलिगेशन आसिम मुनीर की अध्यक्षता वाले डेलीगेशन के साथ एक लिखित फ्रेमवर्क भी दे चुका है।
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क्यों नहीं हो पा रही है बातचीत?
अमेरिका की शर्त है कि ईरान अपना न्यूक्लियर पावर प्रोग्राम पूरी तरह से बंद कर दे, लेकिन ईरान इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है। पहले दौर की बातचीत के समय इसी बात पर पेंच फंसा था। साथ ही होर्मुज के मामले पर भी बात नहीं बनी है। इसके बाद ईरान ने कहा है कि दूसरे दौर की बात तभी ही होगी जब अमेरिका होर्मुज खाली कर देगा।
ईरान और पाकिस्तान के बीच कितने लोग रहे मौजूद?
ईरानी डेलीगेशन ने पाकिस्तानी डेलीगेशन से भी बात की है जो तेहरान गया था। उसमें डीजी-आईएसआई लेफ्टिनेंट जनरल आसिम मलिक, डीजीएमओ काशिफ अब्दुल्ला, गृहमंत्री मोहसिन नकवी और आसिम मुनीर के प्राइवेट सेक्रेटरी मेयर जनरल सैयद जवाद तारिक मौजूद थे। वहीं, ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बार अराघची के साथ उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई और पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोघदम मौजूद थे।
Created On :   25 April 2026 5:45 PM IST












