US-Iran Peace Talks: इस्लामाबाद में शनिवार को अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता! व्हाइट हाउस ने डेलिगेशन को लेकर क्या कहा?

इस्लामाबाद में शनिवार को अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता! व्हाइट हाउस ने डेलिगेशन को लेकर क्या कहा?
पाकिस्तान में दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। ये तैयारियां ऐसे समय पर तेज हुई है, जब अमेरिका से संकेत मिले हैं कि राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार को अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी सीजफायर पर वार्ता होने वाली है।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। पाकिस्तान में दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। ये तैयारियां ऐसे समय पर तेज हुई है, जब अमेरिका से संकेत मिले हैं कि राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार को अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी सीजफायर पर वार्ता होने वाली है। जिसमें अमेरिकी दूत जेरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ शामिल हो सकते हैं। इस तहत के संकेत व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने दिए हैं।

सीधे संवाद की इच्छा

व्हाइट हाउस ने आगे बताया कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस मीटिंग में शामिल होने को लेकर आशंका जाहिर की है। लेकिन उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ती है तो वह भी इसमें शामिल हो सकते हैं। इस दौरान उन्होंने खास बात यह कही कि अमेरिका ईरान के साथ सीधे संवाद करना चाहता है, ताकि वार्ता की संभावनाओं को और बल मिल सके।

ईरानी डेलिगेशन पहुंचा इस्लामाबाद?

अमेरिका की इन हलचलों के बीच खबर मिली है कि ईरान के विदेश मंत्री अराघची अपने छोटे प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। इससे पहले उनकी बातचीत पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार के साथ फोन पर हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने सीजफायर और कूटनीतिक प्रयासों पर बातचीत की थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा टीमें पहले से ही तैनात है और अपना सुरक्षा का मोर्चा संभावले हुए हैं। हालांकि, अभी तक यह इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि अमेरिकी डेलिगेशन इस्लामाबाद कब तक पहुंचेगा।

ईरानी डेलिगेशन की यात्रा रद्द करने की अपील

फार्स न्यूज एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अब्बास अराघची से यह अपील की गई है कि वह अपना इस्लामाबाद का दौरा रद्द कर दे। एजेंसी ने आगे तर्क दिया कि अगर उनकी इस यात्रा के दौरान अमेरिकी डेलिगेशन की यात्रा होती है तो इससे यह संकेत मिलेंगे की कि ईरान लगातार वार्ता के लिए तैयार है। इस वजह से उसे महंगा पड़ सकता है।

Created On :   25 April 2026 2:48 AM IST

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