US-Iran War: ईरान ने पाकिस्तान में मध्यस्थता वार्ता के लिए नहीं किया था इंकार! विदेश मंत्री ने अमेरिकी मीडिया पर लगाया झूठ फैलाने का आरोप

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच युद्ध जारी है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को युद्ध के खत्म होने से पहले शर्तों को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान ने मध्यस्थता वार्ता के लिए पाकिस्तान जाने से कभी मना नहीं किया है। हालांकि, युद्ध का एक निश्चित समाधान होना चाहिए।
ईरान ने अमेरिकी मीडिया पर झूठ फैलाने का लगाया आरोप
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में ईरानी विदेश मंत्री ने कहा, 'ईरान के रुख को अमेरिकी मीडिया की ओर से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। मध्यस्थता वार्ता के लिए हम पाकिस्तान के प्रयासों के लिए उनके आभारी हैं और हमने इस्लामाबाद जाने से कभी इनकार नहीं किया है। हमारी चिंता तो उस अवैध युद्ध के निर्णायक और स्थायी अंत की शर्तों को लेकर है, जो हम पर थोपा गया है।'
इतना ही नहीं, बल्कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अमेरिकी मीडिया पर ईरान की स्थिति को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है। पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने 3 अप्रैल 2026 को सबसे पहले इशाक डार से पत्रकारों की ब्रीफिंग के बाद सरकारी सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि अमेरिका बात करने के लिए तैयार था, लेकिन ईरान ने आखिरी मौके पर इस्लामाबाद आने से मना कर दिया। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के बाद अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इसी तरह की खबर पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित की थी।
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ताहिर अंद्राबी ने अराघची के ट्वीट पर किया रिप्लाई
इन दोनों रिपोर्टों के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गलत ठहराया था। उन्होंने कहा था कि इशाक डार के ब्रीफिंग में बताए गए तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। अराघची के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने इशाक डार ने लिखा, 'आपकी स्पष्टीकरण के लिए मैं सचमुच आभारी हूं, मेरे प्रिय भाई।'
बता दें, अराघची का बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान ने गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के स्थायी समाधान के लिए अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक वार्ता की मेजबानी और सुविधा प्रदान करना उसके लिए सम्मान की बात होगी। पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए चीन और पाकिस्तान की ओर से प्रस्तावित पांच सूत्रीय पहल विदेश मंत्री इशाक डार की बीजिंग यात्रा का एक प्रमुख परिणाम था और इस पहल का व्यापक रूप से स्वागत किया गया है।
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं ईरान में सत्ता बदल गई है और वहां की मौजूदा सरकार अमेरिका के प्रस्ताव को मानने के लिए तैयार है। दूसरी तरफ तेहरान ने अमेरिका के सभी दावों को खारिज किया और साफ किया कि वह जंग लड़ेगा। ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के सीजफायर के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से ठुकरा दिया। फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यूएस ने बुधवार को मध्यस्थता देश के जरिए प्रस्ताव भेजा था।
Created On :   4 April 2026 7:22 PM IST












