जंग के बीच ईरान में फिर विरोध: पूर्व राष्ट्रपति और एक्स मिनिस्टर के खिलाफ 'गद्दारी' के आरोप, हमलों के बीच दी थी ये चेतावनी, गिरफ्तारी की उठी मांग

पूर्व राष्ट्रपति और एक्स मिनिस्टर के खिलाफ गद्दारी के आरोप, हमलों के बीच दी थी ये चेतावनी, गिरफ्तारी की उठी मांग
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति हसन रूहानी और पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ देश के साथ गद्दारी करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि ये दोनों नेता ईरान के खिलाफ अमेरिका के लिए जासूसी कर रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, तेहरान। ईरान में लगातार अमेरिका और इजरायल मिलकर हमले कर रहे हैं। इस बीच, ईरान में नया विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। यहां के पूर्व राष्ट्रपति हसन रूहानी और पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ देश के साथ गद्दारी करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि ये दोनों नेता ईरान के खिलाफ अमेरिका के लिए जासूसी कर रहे हैं। इस विवाद की शुरुआत तब हुई, जब पूर्व विदेश मंत्री ने युद्ध समाप्त करने की बात कही है और इस पर एक विस्तृत प्रस्ताव रखने को लेकर प्रतिक्रिया दी है। इस मामले के बाहर आने के बाद देश की जनता उनके खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। साथ ही उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करते हुए "अमेरिका का एजेंट" बताया है।

ईरानी पूर्व विदेश मंत्री का बयान?

मोहम्मद जवाद जरीफ ने अपने एक बयान में कहा था कि अब ईरान को अपनी मौजूदा रणनीतिक बढ़त का उपयोग करना चाहिए, और युद्ध जारी रखने की बजाय जीत की घोषणा कर देनी चाहिए। इसके साथ ही उसे इस जंग पर समझौते की तरफ भी बढ़ना चाहिए। उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह युद्ध लंबा चलता है तो इसमें कई आम लोगों की जान और देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को और भारी नुकसान होने वाला है।

पूर्व विदेश मंत्री ने सुझाव देते हुए आगे कहा कि देश को अपने परमाणु कार्यक्रम पर कुछ सीमाएं लगाने और जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के बदले में सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने की पेशकश करनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ संबंध सुधारने, नॉन-एग्रेसन पैक्ट साइन करने और शांति समझौते पर बातचीत करनी चाहिए।

ईरानी पूर्व राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया

वहीं, दूसरी तरफ पूर्व राष्ट्रपति रूहानी ने अपने एक बयान में बताया था कि ईरान को "सम्मानजनक तरीके" से इस युद्ध को समाप्त करने की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने इस बता पर जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय हित और आम जन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नीतियों में तत्काल परिवर्तन करना बेहद जरूरी है। इसके अलावा फारस की खाड़ी के जरूरी इलाकों और जलमार्ग होर्मुज पर कंट्रोल बनाए रखने की ओर ध्यान आकर्षित किया है।

इन बयानों पर शासन के नेताओं की प्रतिक्रिया

इन दोनों बयानों के बाद ईरानी शासन के नेताओं की लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में बताया कि सांसद हामिद रसाई ने कोर्ट में मांग करते हुए कहा कि इन दोनों नेताओं की गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के बयान देख के हित में नहीं है और दुश्मनों को फायदा भी मिल सकता है।

Created On :   4 April 2026 7:05 PM IST

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