मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच भारत के लिए राहत!: चीन की तरफ मुड़ने वाले ईरानी तेल टैंकर वाली खबर पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया, पेंमेट से जुड़ी दिक्कत को किया स्पष्ट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के हमलों की वजह से पश्चिम एशिया में माहौल गरमाया हुआ है। इस बीच भारत सरकार का एक बड़ा बयान सामने आया है। यह प्रतिक्रिया उन खबरों के संबंध में दी गई है, जिसमें दावा किया गया था कि ईरानी तेल से भरा एक जहाज भारत की तरफ आ रहा था, लेकिन पेमेंट में दिक्कत आने की वजह से इसे चीन की तरफ मोड़ दिया गया है। जिस पर सरकार ने स्पष्टीकरण दिया है।
यह भी पढ़े -बैकफुट पर आया अमेरिका! ईरान पर तेल से बैन हटाने के लिए राजी हो सकते हैं ट्रंप, विदेश मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दी जानकारी
सरकार ने तेल खरीदी पर क्या कहा?
भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान के एक कच्चे तेल का कार्गो 'पेमेंट से जुड़ी दिक्कतों' के कारण भारत के वडीनार से चीन की तरफ आगे बढ़ रहा है की खबरें और सोशल मीडिया पोस्ट में दी जा रही जानकारियां बिल्कुल गलत है। आगे बताया गया है कि देश 40 से ज्यादा मुल्कों से कच्चा देश आयात करता है। इसके लिए कंपनियों को व्यापार के लिए अलग-अलग सोर्स और जगहों से तेल खरीदने की पूरी आजादी है।
ईरानी तेल जहाज के मुड़ने को लेकर किया स्पष्ट
मिडिल ईस्ट में संघर्ष लगातार बढ़ते जा रहा है। इस दौरान आ रही रुकावटों के कारण भी भारतीय रिफाइनरों ने अपनी कच्चे तेल की जरूरतों को पूरा कर लिया है। इसमें ईरान से पहुंचने वाला तेल भी शामिल है। सरकार ने अपने बयान में आगे बताया कि यह अफवाह फैलाई जा रही है कि ईरानी तेल का पेमेंट करने की समस्या के चलते भारत पहुंच रहे जहाज को चीन की तरफ मोड़ दिया गया है। उन्होंने साफ किया कि पेमेंट से जुड़ी कोई भी दिक्कत नहीं आई है और ना ही ईरानी तेल जहाज को चीन की तरफ मोड़ा है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या कहा?
भारत सरकार की तरफ से पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने यह बयान एक्स पर जारी किया है, जिसमें उसने बताया कि आगामी महीनों के लिए देश के पास कच्चे तेल की जरूरतें पूरी तरह से सुरक्षित है। साथ ही LPG मामले के लिए यह बात कही गई हैं। उन्होंने बताया कि इसको लेकर भी किए जा रहे कुछ दावों को गलत ठहराया है। यह दावा एलपीजी जहाज 'सी बर्ड' के संबंध में किया गया है। यह जहाज लगभग 44 TMT ईरानी एलपीजी से लदी था, जो 2 अप्रैल को भारत के मैंगलोर बंदरगाह पर पहुंच गया था। जिसमें से अभी माल उतारा जा रहा है।
Created On :   4 April 2026 5:36 PM IST













