पश्चिम एशिया तनाव: अंतिम दौर में ईरान-ओमान समझौता, पूरी तरह नहीं खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट, अमेरिका के सामने रखी मांग

डिजिटल डेस्क, तेहरान। दुनिया के ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे अहम माने जाने वाला समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। इस रास्ते को लेकर ईरान और ओमान के बीच की बातचीत अब आखिरी दौर में पहुंच गई है। लेकिन ईरान से स्पष्ट कर दिया कि सिर्फ शिपिंग रूट पर समझौता होने से होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुलेगा। जंग शुरू होने के बाद से तेहरान टैंकरों पर टोल वसूल रहा है। इससे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती का कहना है कि हालिया घटनाक्रमों ने ईरानी सेना की ताकत और आम जनता के हौसले को साबित कर दिया है।
यह भी पढ़े -होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान की सैन्य कार्रवाई, केश्म द्वीप पर धमाकों की आवाज सुनी गई रिपोर्ट
इलाके के देशों से की अपील
सलाहकार ने सोशल मीडिया पर बताया कि हाल के हालातों पर ईरानी सेना की मजबूती, देश के नागरिकों का धैर्य और प्रतिरोध की हिम्मत को दिखाता है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि अमेरिका और इजरायल की हार की सोच की वजह से इस और मजबूत किया है कि क्षेत्र में असुरक्षा के पीछे विदेशी ताकतें हैं और उन्हें यहां से हर हाल में जाना होगा। इसके साथ ही उन्होंने इलाके के देशों से आपसी सहयोग बढ़ाने की अपील की है, ताकि वहां पर सुरक्षा पक्की हो सके।
ईरान-ओमान समझौते पर विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि इस समझौते पर ओमान के साथ जो समझ बनी है, इसका मतलब यह नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा पूरी तरह खोल दिया जाएगा। उनका कहना है कि दोनों देश एक अस्थायी शिपिंग रूट पर वार्ता कर रहे हैं, क्योंकि तकनीकी पेचीदगियां अभी बाकी है। ईरानी विदेश मंत्री का कहना है कि अगर इस रास्ते को पूरी तरह खोलना है, तो इसके लिए अमेरिका को समझाते के उल्लंघन के लिए जुर्माना देना होगा।
ईरान ने अमेरिका के सामने रखी मांग
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बाकर जोलकद्र ने अमेरिका के सामने अपने देश की तरफ से कई मांगें रखी है, इसमें अमेरिकी धमकियां बंद करना, ईरान और उसके सहयोगी लेबनान, फिलिस्तीन, यमन और इराक पर हमले बंद करना, होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी और प्रतिबंध हटाना और ईरान की जब्त की घई संपत्ति को लौटाना शामिल है।
Created On :   8 Aug 2026 11:53 PM IST













