दुनिया: अमेरिका में 80 हजार भारतीय हुए बेरोजगार, 60 दिनों के भीतर दूसरी नौकरी नहीं मिली तो वापस लौटना होगा देश

January 24th, 2023

हाईलाइट

  • दो लाख कर्मचारियों ने खोया अपना रोजगार

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर के देशों में मंदी का असर देखने को मिल रहा है, आलम यह है कि अमेरिका की सबसे बड़ी कंपनी गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन समेत अन्य बड़ी कंपनियां लगातार अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। जिससे हजारों आईटी पेशेवर भारतीय बेरोजगार हो चुके हैं। ये पेशेवर अमेरिका में रहने और रोजगार वीजा के जरिए निर्धारित अवधि के भीतर नया रोजगार पाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। यदि निर्धारित समय में रोजगार नहीं मिलता है तो इन्हें भारत वापस लौटना पड़ेगा। 

दो लाख कर्मचारियों ने खोया अपना रोजगार

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों ने करीब दो लाख कर्मचारियों की छंटनी की हैं। जानकारी के मुताबिक बेराजगार हुए लोगों में भारतीय आईटी पेशेवर की सख्या करीब 40 फीसदी है। यानी तकरीबन 80 हजार भारतीय लोग बेरोजगार हो चुके हैं। बता दें कि इनमें से ज्यादातर भारतीय एच-1बी या एल-1 वीजा पर यहां आए हैं। इस वीजा के तहत यदि किसी व्यक्ति को अमेरिका में 60 दिनों के भीतर नौकरी नहीं मिलती है तो उन्होंने अपने देश वापस लौटना पड़ता है। फिलहाल अब ये लोग जल्द से नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं ताकि वीजा की स्थिति को बदला जा सकें। 

सूचना प्रौधोगिकी क्षेत्र के ये भारतीय पेशवर के सामने स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है क्योंकि ये एच-1बी वीजा पर अमेरिका रह रहे हैं। ऐसे में यदि इन लोगों को 60 दिनों के भीतर नौकरी नहीं मिलती है तो उन्हें भारत वापस लौटना होगा। सिलिकॉन वैली में उद्यमी और सामुदायिक नेता अजय जैन मूतोड़िया का कहना है कि अमेरिका में काम करने आए लोग को लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है। विशेषकर एच-1बी वीजा पर आए लोगों के लिए तो चुनौतियां और बड़ी हैं। बीते रविवार को ग्लोबल इंडियन टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स एसोसिएशन और फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज ने अमेरिका में बेराजगार हो चुके आईटी पेशेवरों की मदद करने के लिए एक सामुदायिक पहल शुरू की। जिसके तहत इन लोगों को रोजगार दिया जा सकें। 

म्यूजिक कंपनी स्पॉटिफाई भी करेगी कर्मचारियों की छंटनी

स्वीडन की म्यूजिक स्ट्रीमिंग कंपनी स्पॉटिफाई टेक्नोलॉजी ने घोषणा किया है कि वह जल्द ही दुनियाभर में अपने कर्मचारियों में से छह फीसदी की कटौती करने वाले हैं। कंपनी ने इसके पीछे की बड़ी वजह लगात को बताया है।