दैनिक भास्कर हिंदी: आजादी मार्च के मद्देनजर इस्लामाबाद में सेना तैनात

October 31st, 2019

हाईलाइट

  • आजादी मार्च के मद्देनजर इस्लामाबाद में सेना तैनात

इस्लामाबाद, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। जमीयते उलेमाए इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के नेता मौलाना फजलुर रहमान के नेतृत्व में जारी विपक्ष के आजादी मार्च के मद्देनजर इस्लामाबाद में सेना तलब कर ली गई है और सैनिकों ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा संभाल ली है।

मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए बताया गया है कि मार्च इस्लामाबाद की तरफ बढ़ रहा है और यह आज (गुरुवार को) देर रात तक इस्लामाबाद पहुंचेगा।

इस्लामाबाद पहुंचने पर होने वाले कार्यक्रम को लेकर विपक्षी दलों की तरफ से अलग-अलग बातें आ रही हैं। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेताओं ने एक बयान में कहा है कि देश में गुरुवार को हुए भीषण रेल हादसे के कारण आज (गुरुवार को) इस्लामाबाद में कोई जलसा नहीं होगा। कल (शुक्रवार को) जुमे की नमाज के बाद सभा होगी।

लेकिन, जेयूआई-एफ ने कहा है कि मुस्लिम लीग-एन के प्रति पूरे सम्मान के साथ वह कहना चाहेगी कि जलसा अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। उन्होंने कहा कि वैसे भी जब देर रात मार्च इस्लामाबाद पहुंचेगा तो आज का दिन बदल चुका होगा (चांद के आधार पर महीनों में दिन, शाम ढलने के बाद बदल जाते हैं और अगली तिथि लग जाती है) और कल का दिन लग चुका होगा।

जेयूआई-एफ की इस बात का अर्थ यही है कि उसका मार्च जैसे ही इस्लामाबाद होगा, जनसभा होगी। इसके लिए जुमे की नमाज के बाद तक प्रतीक्षा नहीं होगी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि अभी तक मार्च शांतिपूर्ण रहा है। सरकार ने भी इसमें कोई रुकावट नहीं पैदा की है। लेकिन, देश की राजधानी में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में सेना तैनात कर दी गई है।

शहर में सभी स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय बंद हैं। ट्रैफिक पुलिस ने कुछ रास्तों को आम लोगों के लिए बंद किया है और कुछ जगहों पर रूट बदला गया है।

पाकिस्तान के गृह मंत्री एजाज शाह ने कहा है कि अगर मार्च में शामिल लोग कानून का पालन करेंगे तो सरकार उनके लिए सभी सुविधाएं मुहैया कराएगी और उन्हें ऐसा लगेगा कि वे किसी फाइव स्टार होटल में टिके हुए हैं।

इस बीच, मौलाना फजल के अगले कदम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उनके हवाले से पहले इस आशय के बयान आए थे कि वह धरना नहीं देंगे, लेकिन अब इस आशय की रिपोर्ट आ रही हैं कि मौलाना का कहना है कि मार्च में मार्च और धरना दोनों शामिल होता है। उनका यह भी कहना है कि इमरान सरकार के इस्तीफे तक उनका यह मार्च जारी रहेगा।