ऑस्ट्रेलिया: वैज्ञानिकों ने बनाई ऐसी तकनीकी मशीन, जो मात्र 20 मिनट में देगी कोरोना की सटीक जानकारी

December 23rd, 2021

हाईलाइट

  • खून की एक बूंद से चल जाएगा कोरोना का पता

डिजिटल डेस्क, सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा टेस्ट विकसित किया है, जो 20 मिनट के अंदर खून की एक बूंद से कोरोना के लिए सटीक रीडिंग देगा। शोध के अनुसार, बर्नेट इंस्टीट्यूट और पीटर डोहर्टी इंस्टीट्यूट फॉर इंफेक्शन एंड इम्युनिटी के वैज्ञानिकों ने पॉइंट-ऑफ-केयर (पीओसी) टेस्ट विकसित किया है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, कई पीओसी टेस्ट सार्स-सीओवी-2 के एंटीबॉडी के समग्र स्तर को माप सकते हैं और इसका उपयोग न्यूट्रलाइजि़ंग एंटीबॉडी (एनएबी) का अनुमान लगाने के लिए कर सकते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि उनका टेस्ट एनएबी गतिविधि को मापने के लिए केवल कोरोना की प्रतिरक्षा सुरक्षा से संबंधित है। ईबीओमेडिसिन पत्रिका में अपनी सफलता के बारे में लिखते हुए, वैज्ञानिकों ने नोट किया कि कई टेस्ट को इस बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए अनुकूलित किया जा सकता है कि क्या किसी व्यक्ति के पास ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ सुरक्षात्मक एंटीबॉडी हैं।

ओमिक्रॉन वेरिएंट के शुरूआती अध्ययनों से पता चलता है कि डेल्टा की तुलना में एनएबी के प्रति 40 गुना कम संवेदनशील हो सकता है। बर्नेट इंस्टीट्यूट के उप निदेशक एसोसिएट प्रोफेसर डेविड एंडरसन ने कहा कि इसलिए पीओसी टेस्ट जल्दी से यह इंगित करने के लिए उपयोगी हो सकता है कि वैक्सीन बूस्टर की जरूरत कब है। यह कई टीकों और विभिन्न आबादी के बीच परिवर्तनशील प्रतिक्रियाओं के संदर्भ में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को सुरक्षित रूप से फिर से खोलने में सहायता के लिए एक मानकीकृत टेस्ट भी प्रदान करेगा।

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि टीकाकरण और नियंत्रण कार्यक्रमों का समर्थन करने के लिए प्रतिरक्षा जांच के लिए टेस्ट एक नया विकल्प बन जाएगा। विशेष रूप से गरीब समुदायों के बीच जहां प्रयोगशाला-आधारित टेस्ट तक पहुंचना मुश्किल है। अब इसके प्रोटोटाइप चरण में वैज्ञानिक विनिर्माण प्रक्रिया को विकसित करने और टेस्ट को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ले जाने के लिए वाणिज्यिक भागीदारों की तलाश कर रहे हैं।

बर्नेट डायग्नोस्टिक्स इनिशिएटिव (बीडीआई) के निदेशक जेनिफर बार्न्‍स ने कहा कि दोनों संस्थानों के सहयोगात्मकप्रयासों ने रिकॉर्ड समय में परिणाम दिया है। बार्न्‍स ने कहा, बीडीआई का उद्देश्य अकादमिक सहयोगियों और उद्योग के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी के माध्यम से व्यावहारिक स्वास्थ्य समाधानों के लिए नई प्रौद्योगिकियों को बढ़ाना है। एनएबी टेस्ट इसका एक बड़ा उदाहरण है क्योंकि हम टेस्ट को बाजार में लाने के लिए एक वैश्विक भागीदार की तलाश कर रहे हैं।

(आईएएनएस)