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USA के बाद ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को चेताया, न जाएं पाकिस्तान

February 17th, 2019 15:25 IST
USA के बाद ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को चेताया, न जाएं पाकिस्तान

हाईलाइट

  • ब्रिटेन ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी।
  • अपने नागरिको को पाकिस्तान से सट्टे इलाकों में जाने से मना किया।
  • इससे पहले अमेरिका ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी की है।

डिजिटल डेस्क, लंदन। अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन ने भी अपने नागरिकों से पाकिस्तान न जाने की अपील की है। ब्रिटने ने एडवायजरी जारी करते हुए कहा कि आतंकी गतिविधियों को देखते हुए पाकिस्तान और खासतौर पर जम्मू-कश्मीर की यात्रा करने से परहेज करें। दरअसल, पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के अलावा दुनियाभर के देशों में आक्रोश है। कई देश अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी कर चुके हैं। अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा कि पाकिस्तान की यात्रा करने से बचें। इससे पहले शनिवार को लंदन स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर भारतीय मूल के लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।

पुलवामा हमले की कड़ी निंदा करते हुए ब्रिटेन के विदेश एवं राष्ट्रमंडल कार्यालय ने ब्रिटेश नागरिकों को कहा है कि वे पाकिस्तान से सटे सीमाई इलाकों और पर्यटक स्थलों पर जाने से परहेज करें। एडवाइजरी के मुताबिक, ब्रिटिश नागरिकों को पाकिस्तान से सटे सीमाई इलाकों या इसके आसपास ना जाने की चेतावनी दी है, हालांकि, वे जम्मू शहर जा सकते हैं और लद्दाख क्षेत्र के भीतर यात्रा कर सकते हैं।

ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को पहलगाम, गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे पर्यटन स्थलों पर नहीं जाने को कहा है। उन्होंने कहा है कि वे श्रीनगर और श्रीनगर के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाने से भी परेहज करें। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतवानी दे चुके हैं। ट्रंप ने कहा है कि पाकिस्तान आतंकी गुटों को मदद करना बंद करें। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में रूस भारत के साथ मजबूती के साथ खड़ा है। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।