दैनिक भास्कर हिंदी: मसूद को बचाने अमेरिका से भिड़ा चीन, बोला- यूएस कर रहा यूएन के अधिकार कम

March 29th, 2019

हाईलाइट

  • मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किए जाने के अमेरिका के ड्राफ्ट से चीन बौखला गया है।
  • चीन ने इसे संयुक्त राष्ट्र की आतंक विरोधी कमेटी के अधिकारों को कम करने वाला बताया है।

डिजिटल डेस्क, बीजिंग। पाकिस्तान की धरती पर पल रहे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) प्रमुख और पुलवामा हमले का जिम्मेदार मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किए जाने के अमेरिका के ड्राफ्ट से चीन बौखला गया है। चीन ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट की सूची में डालने का दबाव बनाकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आतंक विरोधी कमेटी के अधिकारों को कम कर रहा है।

अमेरिका ने बुधवार को फ्रांस और ब्रिटेन के सहयोग से मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के लिए प्रस्ताव का ड्राफ्ट पेश किया है। संयुक्त राष्ट्र के सूत्रों ने बताया कि ऐसा ‘पहली बार’ है कि इन देशों ने अजहर का नाम ग्लोबल टेररिस्ट की लिस्ट में डालने के लिए सीधे सुरक्षा परिषद में एक रिजॉल्यूशन ड्राफ्ट भेजा है। इस तरह का ड्राफ्ट अनापत्ति संबंधी किसी प्रावधान के तहत नहीं आता है। अजहर के ग्लोबल टेररिस्ट घोषित करने के लिए यूएनएससी की 1267 समिति में कई बार चर्चा हो चुकी है। लेकिन हर बार चीन इसे लेकर अड़ंगा लगाता रहा है। 13 मार्च को 15-राष्ट्रों वाले UNSC में चीन एकमात्र ऐसा सदस्य था अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल कर मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट की सूची में डालने से रोक दिया था।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि अमेरिका का यह कदम एकजुटता के लिए अनुकूल नहीं है और ये केवल समस्या को जटिल करेगा। शुआंग ने कहा, हम अमेरिका से उम्मीद करते हैं कि वह इस ममले में सावधानी पूर्वक आगे बढ़े और ड्राफ्ट को जबरन आगे बढ़ाने से बचे। शुआंग ने जोर देकर कहा कि इस मामले को बतचीत के जरिए सुलझाया जा सके इसीलिए चीन ने 13 मार्च को आए प्रस्ताव पर टेक्निकल होल्ड लगा दिया था।

इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने बुधवार को कहा था कि चीन मुस्लिमों के प्रति दोहरी नीति अपना रहा है। उन्होंने कहा था चीन अपने घर में लाखों मुसलमानों को प्रताड़ित करता है, लेकिन हिंसक इस्लामिक आतंकी संगठनो को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध से बचाता है। पॉम्पियो ने कहा था चीन ने शिनजियांग प्रांत में 2017 से अब तक 10 लाख से ज्यादा उइगरों, कजाखों और अन्य मुस्लिम अल्पसंख्यकों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए।