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PNB स्कैम: नीरव मोदी की 637 करोड़ की संपत्ति जब्त, न्यूयॉर्क, लंदन, सिंगापुर और मुंबई में ED की कार्रवाई

October 01st, 2018 17:57 IST
PNB स्कैम: नीरव मोदी की 637 करोड़ की संपत्ति जब्त, न्यूयॉर्क, लंदन, सिंगापुर और मुंबई में ED की कार्रवाई

हाईलाइट

  • 13 हजार 500 करोड़ रुपए का pnb को लगाया चूना
  • चार देशों में फैली उसकी प्रॉपर्टी पर की गई कार्रवाई
  • पीएनबी स्कैम में ईडी ने की बड़ी कार्रवाई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पीएनबी को 13 हजार 500 करोड़ रुपए का चूना लगाने वाले नीरव मोदी को बड़ा झटका लगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नीरव की 637 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर ली है, ये कार्रवाई चार देशों में फैली उसकी प्रॉपर्टी पर की गई है। अमेरिका के न्यूयॉर्क, लंदन, सिंगापुर और मुंबई में नीरव मोदी की प्रॉपर्टी जब्त हुई है।

मामा भांजे पर धोखाधड़ी का आरोप
नीरव मोदी के अलावा उसके रिश्तेदारों की संपत्ति भी जब्त की गई है। बता दें कि नीरव मोदी मेहुल चोकसी का भांजा है, दोनों पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है, जो संपत्तियां पीएनबी ने जब्त की हैं, उनमें से कुछ को नीरव मोदी ने एफआईआर होने के बाद भी खरीदा है। पांच अलग अलग आदेश जारी कर ईडी ने प्रॉपर्टी जब्त की है। मालूम हो कि विदेशी जांच एजेसिंया बिना किसी ठोस सबूत के कार्रवाई के लिए राजी नहीं होती हैं, उन्हें राजी करना भारत की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

 
किस देश से कितनी संपत्ति जब्त की?
- 216 करोड रुपये की दो अचल संपत्ति अमेरिका के न्यूयार्क शहर से
- बहन पूर्वी मोदी का 57 करोड़ रुपए का फ्लैट लंदन के मैराथन हाऊस से 
- पूर्वी मोदी और उनके पति मंयक मेहता का खाता सिंगापुर में  अटैच, जिसमें 44 करोड़ रुपए
- पूर्वी मोदी और नीरव मोदी से संबंधित 5 अन्य खाते अटैच
- इन खातों में 278 करोड़ रुपए का बैंलेस
- पूर्वी मोदी का दक्षिण मुंबई में 19.5 करोड़ रुपए का फ्लैट
- 22 करोड 69 लाख की ज्वैलरी हांगकांग से वापस मंगा कर अटैच

फायरस्टार डायमंड की स्थापना की
बैंक के फर्जी लेनदेन मामले में आरोपी 48 वर्षीय नीरव मोदी दुनिया की डायमंड कैपिटल कहे जाने बेल्जियम के एंटवर्प शहर के मशहूर डायमंड ब्रोकर परिवार से संबंध रखता है। ज्वैलरी डिजाइनर 2.3 अरब डॉलर के फायरस्टार डायमंड के संस्थापक हैं। उनकी कंपनी के दिल्ली, मुंबई, न्यूयॉर्क, लंदन, मकाऊ और हॉन्गकॉन्ग में शोरूम हैं। साल 2015 में नीरव मोदी ने जब न्यूयॉर्क में अपनी कंपनी का शोरूम खोला था तब डोनाल्ड ट्रंप उसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। ट्रंप जनवरी 2017 में अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे। नीरव को फोर्ब्स की भारतीय धनकुबेरों की साल 2017 की सूची में 84वें नंबर पर हैं। नीरव से डायमंड ज्वैलरी खरीदने वाले लोगों में दुनिया की मशहूर हस्तियां शामिल हैं, जिनमें केट विंस्लेट, रोजी हंटिंगटन-व्हाटली, नाओमी वॉट्स, कोको रोशा, लीजा हेडन और एश्वर्या राय जैसे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय अभिनेत्रियां शामिल हैं। नीरव ने अपने नाम के जुलरी ब्रांड को शुरू किया। साल 2016 में नीरव मोदी ने बॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा को अपना ग्लोबल ब्रांड एम्बैसडर बनाया था।


नीरव के डायमंड मर्चेंट बनने की कहानी ?
नीरव मोदी का परिवार भारतीय है, लेकिन उनकी परवरिश बेल्जियम में हुई है। नीरव मोदी ने व्हार्टन बिजनेस स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़कर अपने चाचा के कारोबार में शामिल हो गए थे। बेल्जियम के एंटवर्प शहर में पले-बढ़े नीरव की दिलचस्पी आर्ट और डिजाइन में थी और वो यूरोप के अलग-अलग म्यूजियम में आते-जाते थे। तीसरी पीढ़ी के इस युवा कारोबारी ने एक दोस्त के कहने पर पहली ज्वेलरी डिजाइन की। दोस्त की खुशी देखकर उन्हें इसी काम को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली। उस दोस्त के कहने पर उन्होंने जो पहली इयर रिंग्स डिजाइन की थी, उसमें जड़े हीरों की तलाश में कई शहरों में भटके और उनकी खोज मॉस्को में पूरी हुई। उन हीरों को देखकर उनके दोस्त की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। यहीं से उनके डिजाइनर बनने की कहानी शुरू हुई। आज वो उस एकमात्र भारतीय ज्वेलरी ब्रांड के मालिक है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित है। इसके बाद भारत में बसने और डायमंड ट्रेडिंग बिजनेस की बारीकियों को सीखने के बाद साल 1999 में उन्होंने फायरस्टार की नींव रखी। साल 2010 में वो क्रिस्टी और सॉदबी के कैटालॉग पर जगह बनाने वाले पहले भारतीय ज्वेलर बने। साल 2013 में वो फोर्ब्स लिस्ट ऑफ इंडियन बिलिनेयर में आए और तब से अपनी जगह बनाए हुए हैं। उनकी ओर से डिजाइन किया गया गोलकोंडा नेकलेस साल 2010 में हुई नीलामी में 16.29 करोड़ रुपए में बिका था, जबकि साल 2014 में एक नेकलेस 50 करोड़ रुपए में नीलाम हुआ था। उनकी माली हैसियत 1.73 अरब डॉलर (लगभग 110 अरब रुपए) है और उनकी कंपनी का रेवेन्यू 2.3 अरब डॉलर (लगभग 149 अरब रुपए) है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।