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उपलब्धि: पृथ्वी के सबसे डीपेस्ट पॉइंट तक पहुंचने वाली पहली महिला बनी 68 साल की सुलिवान

उपलब्धि: पृथ्वी के सबसे डीपेस्ट पॉइंट तक पहुंचने वाली पहली महिला बनी 68 साल की सुलिवान

हाईलाइट

  • कैथी सुलिवन पृथ्वी के सबसे डीपेस्ट पॉइंट चैलेंजर डीप तक पहुंचने वाली पहली महिला
  • इस कारनामे को करने वाली वह दुनिया की आठवीं व्यक्ति
  • 68 साल की सुलिवन ने ट्रेंच में करीब डेढ़ घंटा बिताया

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका की पहली महिला स्पेसवॉकर कैथी सुलिवान पृथ्वी के सबसे डीपेस्ट पॉइंट चैलेंजर डीप (35,853 फीट नीचे) तक पहुंचने वाली पहली महिला भी बन गई है। जबकि ऐसा करने वाली वह दुनिया की आठवीं व्यक्ति है। उनके साथ एंटरप्रेन्योर और डीप सी एक्सप्लोरर विक्टर एल वेस्कोवो भी गए थे। दोनों ने यह कारनामा इयोस एक्सपेडिशंस (EYOS Expeditions) नामक कंपनी के साथ मिलकर किया। 68 साल की सुलिवान ने ट्रेंच में करीब डेढ़ घंटा बिताया। जहाज पर लौटने के बाद उन्होंने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के एस्ट्रोनॉट्स से बात भी की। 

क्या कहा सुलिवान ने?
सुलिवान ने कहा- ‘एक अंतरिक्ष यात्री और समुद्री वैज्ञानिक होने की वजह से मेरे लिए यह जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन था। जीवन में एक बार होने वाले चैलेंजर डीप को देखना और फिर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के साथियों के साथ नोट्स की तुलना करना सचमुच नहीं भूलने वाला पल है। वहीं एक्सपीडिशन लीडर रॉब मैकलम ने कहा कि दो स्पेसक्राफ्ट के बीच कॉल स्थापित करना अमेज़िंग था। सुलिवान के साथ जाने वाले विक्टर एल वेस्कोवो ने कहा, 'अंत में मैंने थ्रस्टर्स को बंद कर दिया था और कॉकपिट में आराम करते हुए टूना फिश सैंडविच का आनंद लिया।' वेस्कोवो ने टीम की इस काम के लिए सरहाना भी की।

Dr. Kathy Sullivan and Victor Vescovo after their dive to Challenger Deep.

1984 में किया था स्पेसवॉक
डॉ. कैथी सुलिवान दुनिया की पहली ऐसी इंसान हैं जिन्होंने स्पेस की ऊंचाइयों को भी चूमा है और समुद्र के सबसे गहरे पॉइंट को भी नापा है। कैथी सुलिवान ने 1978 में नेशनल एयरोनॉटिक्स स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) को जॉइन किया था। वह उस पहले अमेरिकी ऐस्ट्रोनॉट्स के ग्रुप का हिस्सा थीं जिसमें महिलाओं को शामिल किया गया था। 11 अक्टूबर, 1984 को वह स्पेस वॉक करने वाली पहली अमेरिकी महिला बनीं। कैथी सुलिवान स्पेस के अपने दूसरे मिशन में डिस्कवरी (Discovery) स्पेस शटल से गई थीं। इस मिशन के दौरान हबल टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) को लॉन्च किया गया था। 

Astronaut Kathryn D. Sullivan checks the latch of the SIR-B antenna in the space shuttle Challenger's open cargo bay during her historic extravehicular activity (EVA) on Oct. 11, 1984.

माउंट एवरेस्ट जितना ऊंचा उससे ज्यादा गहरा है चैलेंजर डीप
मारियाना ट्रेंच का चैलेंजर डीप पश्चिमी प्रशांत महासागर (Western Pacific Ocean) की सतह से 35,853 फीट नीचे है। यदि तुलना करें तो माउंट एवरेस्ट समुद्री स्तर से 8,848 मीटर ऊपर है, जबकि मरियाना ट्रेंच समुद्री सतह से 10,916 मीटर। यानी माउंट एवरेस्ट से 2068 मीटर ज्यादा तक गहरा है। सी लेवल की तुलना में बॉटम पर प्रेशर करीब 1000 गुना ज्यादा रहता है। इस हालात में भी यहां कई प्रकार के जीव जंतु रहते हैं। वैज्ञानिकों ने यहां 200 प्रकार के सूक्ष्मप्रजातियों को पहचाना। यहां एक मछली प्रजाति भी पायी जाती है जिसको वैज्ञानिकों ने स्नेलफिश (snailfish) का नाम दिया।

Deepest Ever Submarine Dive Made by Five Deeps Expedition

1872-1876 के बीच चैलेंजर डीप की खोज
ब्रिटिश शिप एचएमएस चैलेंजर ने 1872-1876 के बीच चैलेंजर डीप की खोज की थी। गुआम से लगभग 190 मील दक्षिण पश्चिम में मारियाना ट्रेंच के दक्षिण छोर में स्थित चैलेंजर डीप तक पहुंचने वाले पहले दो लोग लेफ्टिनेंट डॉन वॉल्श और स्विस वैज्ञानिक जैक्स पिकार्ड थे। उन्होंने ट्रिएस्ट नामक सबमर्सिबल से 1960 में ये कारानामा किया था। अवतार और टाइटैनिक फिल्म निर्माता जेम्स कैमरन ने 2012 में मारियाना ट्रेंच तक पहुंचकर डीपेस्ट सोलो डाइव का रिकॉर्ड तोड़ा था। वह अपनी सबमर्सिबल 'डीपसी चैलेंजर' (Deepsea Challenger) से 10,908 मीटर की गहराई तक पहुंचे थे।

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