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गूगल मैप : देश के हिसाब से गूगल मैप दिखाता है विवादित बॉर्डर, कश्मीर के भी दो नक्शे


हाईलाइट

  • गूगल मैप्स भारत के भीतर कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाता है लेकिन पाक में नहीं
  • अन्य देशों के लोगों को इस क्षेत्र की सीमाएं अलग से डॉटेड लाइन में दिखाई देती है,
  • गूगल के अनुसार, यह स्थानीय कानूनों का अनुसरण करता है

डिजिटल डेस्क, सैन फ्रांसिस्को। गूगल मैप्स भारत के भीतर कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाता है, लेकिन बाहर अन्य देशों के लोगों को इस क्षेत्र की सीमाएं अलग से डॉटेड लाइन में दिखाई देती है, जो इसे विवादित क्षेत्र बताती है। सिर्फ कश्मीर ही नहीं, कई अन्य देशों की सीमाएं गूगल मैप्स में अलग दिखाई देती हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप गूगल मैप्स का इस्तेमाल संबंधित देश के भीतर से कर रहे हैं या बाहर से। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि गूगल सहित अन्य ऑनलाइन मैप मेकर उन्हें बदल देते हैं।

क्या कहा गूगल ने?
गूगल के अनुसार, यह स्थानीय कानूनों का अनुसरण करता है, जहां गूगल मैप्स के स्थानीय संस्करण उपलब्ध हैं। द वाशिंगटन पोस्ट ने गूगल मैप के प्रोडक्ट मैनेजमेंट के डायरेक्टर एथन रसेल के हवाले से कहा, हमारा लक्ष्य हमेशा जमीनी सच्चाई के आधार पर सबसे व्यापक और सटीक नक्शा उपलब्ध कराना है। रसेल ने आगे कहा, विवादित क्षेत्रों और सीमाओं के मुद्दों पर हम तटस्थ रहते हैं। हम डैश्ड ग्रे बॉर्डर लाइन के माध्यम से विवाद को अपने नक्शे में प्रदर्शित करने का हर संभव प्रयास करते हैं।

उन्होंने कहा, जिन देशों में हमारे पास गूगल मैप के स्थानीय संस्करण हैं, हम नाम और सीमाओं को प्रदर्शित करते समय स्थानीय कानून का पालन करते हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राजनयिकों, नीति निर्माताओं और अपने स्वयं के अधिकारियों के स्थानांतरण से भी गूगल मैप मेकिंग प्रभावित होती है। 15 साल पहले इसकी शुरुआत हुई थी और अब करीब 1 अरब लोग दुनिया की जानकारी लेने के लिए गूगल मैप्स का इस्तेमाल करते हैं।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।