दैनिक भास्कर हिंदी: ईरान: कासिम सुलेमानी के बाद इस्माइल घानी को बनाया गया कुड्स फोर्स का चीफ

January 3rd, 2020

हाईलाइट

  • बगदाद में कुड्स फोर्स का जनरल कासिम सुलेमानी मारा गया
  • अमेरिका ने ड्रोन हमला कर जनरल कासिम सुलेमानी को मारा है
  • खामेनी ने डिप्टी कमांडर इस्माइल घानी को चीफ नियुक्त किया

डिजिटल डेस्क, तेहरान। ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की ईकाई 'कुड्स फोर्स' का जनरल कासिम सुलेमानी और इराकी मिलिशिया कमांडर अबू महंदी अल-मुहांदिस शुक्रवार तड़के अमेरिकी एयर स्ट्राइक में मारा गया। इसके बाद ईरानी नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनी ने कुड्स फोर्स के डिप्टी कमांडर इस्माइल घानी को कुड्स फोर्स का प्रमुख नियुक्त किया। 

ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने खामेनी के एक बयान के हवाले से बताया कि घानी के समय से चला आ रहा फोर्स का कार्यक्रम जारी रहेगा। खामेनी ने कहा कि 'गौरवशाली जनरल कासिम सुलेमानी की शहादत के बाद मैं ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल घानी का नाम इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के क्वार्ट्स फोर्स के कमांडर के रूप में घोषित करता हूं।'

कौन है कासिम सुलेमानी?
ईरान रिवॉलूशनरी गार्ड्स का प्रमुख कासिम सुलेमानी कुड्स फोर्स का जिम्मा संभालते था। अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई में सुलेमानी अमेरिका के लिए सिरदर्द बना हुआ था। कासिम सुलेमानी को ईरान की तरफ से लड़ने वाले अहम सिपाही को तौर पर जाना जाता था। पश्चिम एशिया के ज्यादातर मिशन में सुलेमानी का अहम भूमिका में रहा। अमेरिका नहीं चाहता था कि कासिम अपनी जड़े दूसरे देशों में भी मजबूत करें। सुलेमानी की ताकत का फायदा ईरान को मिल रहा था।

डोनाल्ड ट्रंप का विरोधी था सुलेमानी
सुलेमानी को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप का विरोधी माना जाता था। उन्होंने कई मौकों पर अमेरिका को चेतावनी दी थी। बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी। नए साल के पहले दिन ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि ईरान को नुकसान उठाना पड़ेगा। ट्रंप की इस धमकी के बाद अमेरिका ने यह कार्रवाई की है। इस घटना के बाद पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण चल रहे रिश्तों में और तल्खी आनी तय मानी जा रही है।

हिजबुल्लाह और हमास का था समर्थन
इस्लामिक स्टेट आतंकी संगठन को इराक से खत्म करने के लिए सुलेमानी ने कुर्द लड़ाकों और शिया मिलिशिया को एकजुट किया था। ईरान से सहायता से उन्होंने इराक में पॉप्युलर मोबिलाइजेशन फोर्स तैयार किया। सुलेमानी को आतंकी संगठन हिजबुल्लाह और हमास का समर्थन था।

अमेरिका-ईरान में बढ़ सकता है कोल्ड वॉर
ईरानी जनरल के मारे जाने से ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे कोल्ड वॉर में असाधारण तेजी आ सकती है। सुलेमानी एक दशक से अधिक समय तक मध्य पूर्व के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक रहा है। सुलेमानी ने रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की विदेशी शाखा का नेतृत्व किया था। सीरिया और इराक की लड़ाई में उसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सुलेमानी को देश और विदेश में सेलिब्रिटी का दर्जा हासिल किया।

ईरान और इराक युद्ध में सुलेमानी की भूमिका अहम 
ईरान और इराक के बीच 1980 के जंग में सुलेमानी ने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। युद्ध में अमेरिका ने इराक तानाशाह सद्दाम हुसैन का साथ दिया था। तब से अमेरिका और कासिम सुलेमानी के बीच दुश्मनी पनप गई थी। हालांकि बाद में सद्दाम व अमेरिका के बीच रिश्ते खराब हो गए थे।