दैनिक भास्कर हिंदी: पेन्सिलवेनिया: अब कोरोना वायरस का पता लगाएंगे लैब्रोडोर डॉग, दी जा रही है स्पेशल ट्रेनिंग

April 30th, 2020

हाईलाइट

  • रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत लैब्राडोर कुत्तों को प्रशिक्षित किया जा रहा है
  • कुत्ते मनुष्यों में मलेरिया संक्रमण की पहचान कर सकते हैं
  • एक कुत्ता प्रति घंटे 250 लोगों की स्क्रीनिंग कर सकता है

डिजिटल डेस्क, पेन्सिलवेनिया। पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस महामारी से जूझ रही है। इस बीच अमेरिका और ब्रिटेन में कुत्तों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे कोरोनावायरस का सूंघकर पता लगा सके। वॉशिगंटन पोस्ट के अनुसार पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी (Pennsylvania University) के एक रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत आठ लैब्राडोर कुत्तों (Labrador Dogs) को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

कैनाइल सर्विलांस के रूप में इस्तेमाल

वहीं इस तरह का प्रयास लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन (London School of Hygiene and Tropical Medicine) में भी किए जा रहे हैं। जहां शोधकर्ताओं ने पहले बताया था कि कुत्ते मनुष्यों में मलेरिया संक्रमण की पहचान कर सकते हैं। अगर पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी यह प्रशिक्षिण सफल रहा तो कुत्तों को कैनाइल सर्विलांस के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। वे एयरपोर्ट, अस्पतालों और व्यवसायों में लोगों को स्क्रीन कर सकते हैं। बता दें कि ड्रग्स, विस्फोटक और कंट्राबंड खाद्य पदार्थों के अलावा कुत्ते मलेरिया, कैंसर को सूंधने में सक्षम होते हैं।

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प्रति घंटे 250 लोगों की स्क्रीनिंग 

लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन के प्रमुख जेम्स लोगन (James Logan) ने कहा कि उनकी टीम को उम्मीद है कि कोविड-19 के नमूने कुछ हफ्तों अंदर इकट्ठा करना शुरू कर दिए जाएंगे। जल्द ही चैरिटी मेडिकल डिटेक्शन  डॉग के साथ काम करना शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक कुत्ता प्रति घंटे 250 लोगों की स्क्रीनिंग कर सकता है। हम इसे बढ़ाने के लिए एक मॉडल पर काम कर रहे हैं, ताकि इसे एयरपोर्ट सहित बंदरगाहों में तैनात किया जा सके।