दैनिक भास्कर हिंदी: द्वितीय विश्व युद्ध गठबंधन स्मरणोत्सव में भाग लेने ब्रिटेन जाएंगे मैक्रों

June 18th, 2020

हाईलाइट

  • द्वितीय विश्व युद्ध गठबंधन स्मरणोत्सव में भाग लेने ब्रिटेन जाएंगे मैक्रों

लंदन, 18 जून (आईएएनएस)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों गुरुवार को युनाइटेड किंग्डम के दौरे पर पहुंच रहे हैं। कोरोनोवायरस महामारी के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के दौरान मैक्रों द्वितीय विश्व युद्ध के एक अवसर से संबद्ध समारोह में हिस्सा लेंगे और युनाइटेड किंग्डम के शीर्ष नेतृत्व से द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करेंगे।

मैक्रों ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से डाउनिंग स्ट्रीट में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और साथ ही क्लेरेंस हाउस में प्रिंस चार्ल्स से मुलाकात करेंगे।

यात्रा का प्राथमिक उद्देश्य दिवंगत फ्रांसीसी राष्ट्रपति जनरल चार्ल्स द गॉल के उस प्रसारण की 80वीं वर्षगांठ को मनाना है जिसमें उन्होंने (द गॉल ने) युद्ध के समय के ब्रिटिश नेता विंस्टन चर्चिल के साथ गठबंधन और नाजी जर्मनी के खिलाफ फ्रांसीसी प्रतिरोध की शुरुआत की घोषणा की थी।

जॉनसन नाजी जर्मनी से यूके और फ्रांस की रक्षा करने में विशिष्ट भूमिका के लिए फ्रेंच प्रतिरोध के चार दिग्गजों के लिए मोस्ट एक्सेलेंट आर्डर आफ ब्रिटिश एम्पायर (एमबीई) की घोषणा करेंगे।

माना जा रहा है कि मैक्रों व जॉनसन के बीच वार्ता के दौरान दोनों देशों से आने वाले मुसाफिरों के लिए अनिवार्य 14-दिवसीय क्वारंटाइन की समीक्षा पर बात होगी।

साथ ही, दोनों नेता लीबिया में तुर्की के सैन्य हस्तक्षेप पर भी बात कर सकते हैं। फ्रांस ने तुर्की के इस कदम का कड़ा विरोध किया है।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान फ्रांसीसी प्रतिरोध के नेताओं को अश्रय देने में यूके की भूमिका और ब्रिटिश स्पेशल ऑपरेशंस एक्जीक्यूटिव द्वारा फ्रांस के अंदर संयुक्त प्रतिरोध संचालन को निर्देशित करने में मदद देने की याद में मैक्रों लंदन शहर को सर्वोच्च फ्रांसीसी सम्मान लेजन द ऑनर से सम्मानित करेंगे।

मुलाकात से पहले जॉनसन ने कहा, अस्सी साल पहले, फ्रांसीसी प्रतिरोध के नेता जनरल चार्ल्स डी गॉल लंदन में यह जानते हुए पहुंचे थे कि ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा साझा किए जाने वाले स्वतंत्रता, सहिष्णुता और लोकतंत्र के मूल्य खतरे में हैं। उन्होंने तब संकल्प लिया था कि हम मिलकर इन मूल्यों की रक्षा करेंगे।

मैक्रों ऐसे समय ब्रिटेन पहुंच रहे हैं जब फ्रांस और यूरोप में भी रंगभेद व नस्लवाद विरोधी आंदोलन चल रहा है और प्रदर्शनकारियों ने फ्रांस में द गॉल और ब्रिटेन में चर्चिल की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया है।