comScore

करतारपुर में बोले सिद्धू, जो 72 साल में नहीं हुआ वो मोदी-इमरान ने कर दिखाया

करतारपुर में बोले सिद्धू, जो 72 साल में नहीं हुआ वो मोदी-इमरान ने कर दिखाया

हाईलाइट

  • गुरुद्वारा दरबार साहिब तक जाने के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोल दिया गया
  • पाकिस्तान ने उद्घाटन समारोह के लिए नवजोत सिंह सिद्धू को भी आमंत्रित किया था
  • सिद्धू ने भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों को कॉरिडोर खोलने के लिए धन्यवाद दिया

डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। सिख समुदाय की लंबे समय से प्रतीक्षित मांग आज पूरी हो गई। पाकिस्तान में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब तक जाने के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोल दिया गया है। पाकिस्तान की ओर से कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के लिए पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को भी आमंत्रित किया गया था। इस  दौरान अपने संबोधन में सिद्धू ने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों को कॉरिडोर खोलने के लिए धन्यवाद दिया।

सिद्धू ने कहा, 'यह विभाजन के बाद पहली बार है कि सीमाओं को ध्वस्त कर दिया गया है। मेरे दोस्त इमरान खान के योगदान को कोई नकार नहीं सकता। मैं मोदी जी को भी इसके लिए धन्यवाद देता हूं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हमारे बीच राजनीतिक मतभेद हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मेरा जीवन गांधी परिवार को समर्पित है। मोदी साहब को मैं इसके लिए मुन्नाभाई स्टाइल वाली झप्पी भेज रहा हूं।'

सिद्धू ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इमरान खान ने बिना किसी नफे-नुकसान की चिंता किए वह किया जो 72 सालों में नहीं हुआ था। मोदी स‍ाहब और इमरान खान ने 14 करोड़ सिखों का दिल जीत लिया है। उनको अहसानमंद बना लिया है। मैं नवजोत सिंह सिद्धू बाबा नानक का नौकर हूं और यहां एक स्नेह व प्‍यार लेकर आया हूं।' इस दौरान सिद्धू ने इमरान से कहा, 'खान साहब मेरी बात याद रखना सिख कौम जहां व जिस मंजिल पर आपको ले जाएगा उसके बारे में आप सोच नहीं सकते।'

बता दें कि पाकिस्तान के ऐतिहासिक दरबार साहिब गुरुद्वारे तक जाने वाले करतारपुर गलियारे के जरिए भारतीय श्रद्धालुओं का पहला जत्था शनिवार को करतारपुर पहुंचा। इस जत्थे का नेतृत्व पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया। मनमोहन सिंह को करतारपुर गलियारे के उद्घाटन समारोह के लिए पाकिस्तान सरकार ने विशेष निमंत्रण भेजा था। उनके नेतृत्व में गए जत्थे में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी शामिल हुए।

जीरो लाइन पर पाकिस्तान के टीवी चैनल पीटीवी से बातचीत में मनमोहन सिंह ने गलियारे को खोले जाने को एक बड़ी बात बताते हुए कहा, मुझे पूरी उम्मीद है कि इस गलियारे के खुलने से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में उल्लेखनीय सुधार होगा।

अमरिंदर सिंह ने कहा कि सभी खुश हैं। सिख समुदाय की बीते 70 सालों से मांग रही है कि पाकिस्तान स्थित उसके धर्मस्थलों तक समुदाय के सदस्यों को जाने दिया जाए। उन्होंने कहा, यह शुरुआत है। उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जारी रहेगी और कई अन्य गुरुद्वारों के लिए भी इजाजत मिलेगी।

गुरुद्वारा दरबार साहिब, पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित है, जो सिख समुदाय का दूसरा सबसे पवित्र स्थान है। यह भारत-पाकिस्तान की सीमा से केवल 4 किमी की दूरी पर है, जबकि लाहौर से ये 120 किमी दूर है। सिख यत्रियों की सुविधा के लिए, पाकिस्तान की सरकार ने 130 काउंटर स्थापित किए हैं, जहां उनके पासपोर्ट की पुष्टि या स्कैन की जाएगी, और परमिट का सत्यापन किया जाएगा।

कॉरिडोर से गुरुद्वारा दरबार साहिब जाने वाले सभी सिख तीर्थयात्रियों से सेवा शुल्क के तौर पर 20 डॉलर का भुगतान करना होगा। हालांकि, उन्हें बाबा गुरु नानक की 550 वीं जयंती के दिन शुल्क देने से छूट दी गई है। इमिग्रेशन प्रोसेस पूरी होने के बाद, तीर्थयात्री बस के माध्यम से 4 किमी लंबे कॉरिडोर के माध्यम से गुरुद्वारा पहुंचेंगे।

कमेंट करें
rITCF
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।