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पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस ऑफिसर से बदसलूकी, परिवार सहित घर से निकाला

July 11th, 2018 17:48 IST

हाईलाइट

  • पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस ऑफिसर गुलाब सिंह से बदसलूकी।
  • गुलाब सिंह के साथ हाथापाई की गई फिर परिवार सहित घर से निकाला।  
  • गुलाब सिंह 1947 से लाहौर के डेरा चहल इलाके में रह रहे हैं।


डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस ऑफिसर के साथ बदसलूकी और जबरन उन्हें घर से बाहर निकालने का मामला सामने आया है। लाहौर में मंगलवार को गुलाब सिंह के साथ उनके घर में कुछ लोगों ने हाथापाई की और परिवार सहित उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। वीडियो जारी कर गुलाब सिंह ने घटना की पूरी जानकारी दी साथ ही पुलिस से मदद की अपील की है।

गुलाब सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें लाहौर स्थित उनके घर से जबरन बाहर निकाला गया, उनकी पगड़ी खोल दी गई, पूरे परिवार को धक्का देकर घर से बाहर निकाल कर घर पर ताला लगा दिया गया। गुलाब सिंह ने अपने साथ हुई इस घटना का वीडियो जारी कर पाकिस्तान में सिखों के साथ हो रहे अत्याचार का सबूत पेश किया है। गुलाब सिंह ने बताया कि वह 1947 से लाहौर के डेरा चहल इलाके में रह रहे हैं।

गुलाब सिंह ने पुलिस से आग्रह किया कि, कम से कम 10 मिनट का समय दिया जाए। क्योंकि वह यहां 1947 से रह रहे हैं, लेकिन किसी से उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। वीडियो में उन्होंने कहा, मैं गुलाब सिंह पाकिस्तान का पहला सिख ट्रैफिक वॉर्डन हूं।

मेरे साथ चोर-डाकुओं के जैसा सलूक किया जा रहा है। मुझे मेरे घर से घसीटकर बाहर निकाला गया और मेरे घर में ताला लगा दिया गया। 


उन्होंने ये भी कहा कि एडिशनल सेक्रेटरी तारिक वजीर और पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान तारा सिंह ने कुछ लोगों को खुश करने के लिए यह काम किया है। कोर्ट में मेरे केस भी चल रहे हैं। गांव में सिर्फ मुझे ही निशाना बनाया जा रहा है। गुलाब सिंह ने अपील की है कि, मेरी ज्यादा से ज्यादा मदद करें और इस वीडियो को शेयर कर पूरी दुनिया को बताएं कि पाकिस्तान में सिखों के साथ कितनी ज्यादती हो रही है। 


गौरतलब है कि पाकिस्तान में लगातार सिख और हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। महीने ही पाकिस्तान में भी सिख कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी। खैबर पख्तूनवा प्रांत के पेशावर में सिख धर्मगुरु चरणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पाकिस्तान में तालिबानी अल्पसंख्यक हिंदू और सिख समुदाय के लोगों को निशाना बना रहे हैं। 

 
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।