दैनिक भास्कर हिंदी: ब्लैक लिस्ट में डाले जाने पर भड़का पाक, कहा- यूएस न सिखाए धार्मिक आजादी के बारे में

December 12th, 2018

हाईलाइट

  • धार्मिक आजादी के उल्लंघन मामले में यूएस ने पाक को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है।
  • पाक ने कहा कि यूएस का यह निर्णय उनकी बुरी राजनीति को दर्शाता है।
  • पाक ने कहा कि हमें दूसरे देश से जानने की जरूरत नहीं कि अल्पसंख्यकों की रक्षा कैसे करनी है।

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। यूएस द्वारा धार्मिक आजादी के उल्लंघन मामले में ब्लैक लिस्ट में डाले जाने के बाद पाकिस्तान ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। पाक ने बुधवार को कहा कि यूएस का यह निर्णय उनकी बुरी राजनीति को दर्शाता है। पाक ने कहा कि हमें किसी दूसरे देश से यह जानने की जरूरत नहीं है कि हमें अपने देश के अल्पसंख्यकों की रक्षा कैसे करनी है। पाक का यह जवाब उस वक्त आया है जब यूएस ने उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने से मना कर दिया था। 

पाक के विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज करते हुए कहा, 'पाकिस्तान एक बहु-धार्मिक और बहुलवादी समाज वाला देश है, जहां विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के लोग एक साथ रहते हैं। इसलिए पाक यूएस द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करता है। यूएस का यह निर्णय उनकी हमारे देश के खिलाफ की जा रही राजनीति को दर्शाता है।' 

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'यह अमेरिका के ज्यूरी द्वारा किए गए पक्षपात को दर्शाता है। पहले तो उनकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जाने चाहिए।' विदेश मंत्रालय ने इसके अलावा यूएस में इस्लामोफोबिया और एंटी सेमीटिज्म में वृद्धि के कारणों को जानने के लिए एक ईमानदार समीक्षण करने की भी मांग की है।

बता दें कि अमेरिका ने मंगलवार को पाकिस्तान, चीन, सऊदी अरब समेत 10 देशों को धार्मिक आजादी के उल्लंघन करने के मामले में ब्लैक लिस्ट में डाल दिया था। इसके साथ ही ट्रंप प्रशासन ने अल नुसरा फ्रंट, अरब प्रायद्वीप में अल कायदा, अल शबाब, बोको हराम, हौदी, ISIS, ISIS खुरासान और तालिबान को भी ब्लैक लिस्ट में डाल दिया था। यूएस के विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने कहा था कि कुछ देशों में धार्मिक उल्लंघन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। 

पॉम्पिओ ने कहा, 'बर्मा (म्यांमार), चीन, इरीट्रिया, ईरान, नॉर्थ कोरिया, पाकिस्तान, सूडान, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्केमेनिस्तान में धार्मिक उल्लंघन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसलिए 28 नवंबर, 2018 से मैंने धार्मिक आजादी के उल्लंघन के मामले में इन देशों को 1998 के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आजादी कानून के तहत विशेष चिंता वाले देशों में रखा है।  इसके अलावा धार्मिक आजादी के गंभीर उल्लंघन के लिए कोमोरॉस, रूस और उजबेकिस्तान को भी वॉच लिस्ट में रखा गया है।' 

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