दैनिक भास्कर हिंदी: प्योंगयांग में किम-पोम्पियो की मुलाकात, ट्रंप से एक बार फिर मीटिंग चाहते हैं नॉर्थ कोरिया के तानाशाह

October 8th, 2018

हाईलाइट

  • नार्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग यून जल्द ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे।
  • अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने किम जोंग यून को राष्ट्रपति ट्रम्प से मिलने के लिए हामी भर दी है।
  • पोम्पियो साउथ कोरिया के लिए रवाना होने से पूर्व प्योंगयांग में किम से दो घंटे तक मुलाकात की।

डिजिटल डेस्क, सिओल। नार्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन जल्द ही एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे। साउथ कोरिया के प्रेसिडेंट ऑफिस से आई खबर के अनुसार, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने किम जोंग उन और राष्ट्रपति ट्रम्प की मुलाकात के लिए हामी भर दी है।

पोम्पियो ने साउथ कोरिया के लिए रवाना होने से पूर्व नॉर्थ कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में किम से दो घंटे तक मुलाकात की। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून ने पोम्पियो के हवाले से बताया कि किम ने पोम्पियो से जल्द से जल्द मीटिंग कराने की बात कही। इस पर पोम्पियो ने सकारात्मक जवाब दिए हैं।

प्योंगयांग में किम से मुलाकात के बाद पोम्पियो ने ट्वीट कर कहा, 'किम से मुलाकात कर अच्छा लगा। मेरी नॉर्थ कोरिया की यात्रा अच्छी रही। हम दोनों ने अमेरिका और नार्थ कोरिया के बीच हुई सिंगापुर वार्ता पर भी बात की। दोनों देश उस दौरान हुए समझौते पर प्रगति की दिशा में बढ़ रहे हैं। मैं किम को मेरी और मेरे टीम की मेजबानी के लिए शुक्रिया कहना चाहता हूं और राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से शुभकामनाएं।' इसके बाद किम ने भी पोम्पियो की तारीफ की है। किम ने कहा कि आज का दिन उनके लिए काफी अच्छा था। यह दिन अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के लिए एक अच्छे भविष्य का वादा करता है।

पोम्पियो ने सीओल पहुंचने पर कहा कि वह साउथ कोरिया के प्रयासों के लिए कृतघ्न हैं। उन्होंने कहा, 'नॉर्थ कोरिया और अमेरिका के बीच परमाणु निरस्त करने को लेकर जो भी बातचीत हुई है साउथ कोरिया उसका एक अभिन्न अंग रहा है। साउथ कोरिया ने हमेशा हमारी मदद की है। राष्ट्रपति ट्रंप, साउथ कोरिया के प्रति आभारी हैं।'

वहीं साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून ने कहा कि उन्हें आशा है कि पोम्पियो की यात्रा और यूएस-नॉर्थ कोरिया के बीच दूसरा शिखर सम्मेलन परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बता दें कि इससे पहले सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के लीडर किम जोंग के बीच एक ऐतिहासिक मुलाकात हुई थी। इसमें दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए थे। इस मीटिंग के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस मीटिंग के बाद अमेरिका कोरियाई प्रायद्वीप में मिलिट्री एक्सरसाइज बंद कर देगा। वहीं आर्थिक प्रतिबंध को लेकर ट्रंप ने कहा था कि नॉर्थ कोरिया की न्यूक्लियर मिसाइलों के खात्मे के साथ ही अमेरिका, उस पर से आर्थिक प्रतिबंध भी हटा लेगा।