दैनिक भास्कर हिंदी: शिनच्यांग से जुड़े प्रस्ताव से अमेरिका के दोहरे मापदंड और भयावह इरादे जाहिर हुए

May 30th, 2020

हाईलाइट

  • शिनच्यांग से जुड़े प्रस्ताव से अमेरिका के दोहरे मापदंड और भयावह इरादे जाहिर हुए

बीजिंग, 29 मई (आईएएनएस)। अमेरीकी संसद में हाल ही में वेवूर मानवाधिकार नीति प्रस्ताव पारित किया गया। इस की चर्चा में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लीचेन ने कहा कि अमेरिका की इस कार्रवाई से आतंकवाद विरोधी मामले पर उस के दोहरे मापदंड और भयावह इरादे जाहिर हुए हैं।

चाओ ने कहा कि अमेरिकी संसद के संबंधित प्रस्ताव ने किसी सबूत के बिना चीन के शिनच्यांग में मानवाधिकार स्थिति और शिनच्यांग के प्रति चीन सरकार के नीति-नियम पर आरोप लगाया, और गंभीर रूप से चीन के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप किया है। चीन इसका कड़ा विरोध करता है।

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने कहा कि हांगकांग राष्ट्रीय सुरक्षा कानून हांगकांग के उच्च स्तरीय स्वशासन और मुक्ति को बर्बाद करेगा, जो अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा से संबंधित है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस बारे में वीडियो सम्मेलन आयोजित करने का आग्रह भी किया गया।

इसकी चर्चा में चाओ लीचेन ने कहा कि हांगकांग राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की जिम्मेदारी के दायरे में नहीं है। अमेरिका ने सुरक्षा परिषद से हांगकांग मामले की चर्चा करने का आग्रह किया। जिसने खुले तौर पर चीन के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप किया है, और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी नीति-नियमों को भी बर्बाद किया गया। चीन इस का कड़ा विरोध करता है।

उधर 28 मई को अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा चार देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस बात की आलोचना की कि एनपीसी में पारित हांगकांग राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ने चीन-ब्रिटेन संयुक्त बयान में निश्चित अंतर्राष्ट्रीय कर्तव्य का उल्लंघन किया, और एक देश दो व्यवस्थाओं के ढांचा को भी नुकसान पहुंचाया।

इसकी चर्चा में चाओ लीचेन ने कहा कि यह पूरी तरह चीन का अंदरूनी मामला है। किसी विदेश को इस में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। संबंधित देशों ने गंभीर रूप से हांगकांग के कार्यों और चीन के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप किया। चीन ने संबंधित देशों के सामने गंभीरता से यह मामला उठाया।

(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

-- आईएएनएस