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चीन और यूरोप के बीच उच्च स्तरीय रणनीतिक वार्ता का दसवां दौर

June 11th, 2020 00:00 IST
 चीन और यूरोप के बीच उच्च स्तरीय रणनीतिक वार्ता का दसवां दौर

हाईलाइट

  • चीन और यूरोप के बीच उच्च स्तरीय रणनीतिक वार्ता का दसवां दौर

बीजिंग, 10 जून (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने यूरोप संघ के कूटनैतिक व सुरक्षात्मक नीति के वरिष्ठ वातार्कार जोसेफ बोरेल फोंटलेस के साथ संयुक्त रूप से चीन-यूरोप उच्च स्तरीय रणनीतिक वार्ता के दसवें दौर का आयोजन किया। वार्ता वीडियो कार्यक्रम के रूप में चली।

वांग यी ने कहा कि चीन और यूरोपीय संघ के बीच संबंध कायम करने के इधर के 45 सालों में पारस्परिक संबंधों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। इससे यह साबित होता है कि चीन और यूरोप के बीच सहयोग प्रतिद्विंद्विता से अधिक है और बहुमत मतभेदों से अधिक है। दोनों पक्ष बहुपक्षीयवाद और आर्थिक वैश्विकरण का समर्थन करते हैं और वे संयुक्त राष्ट्र तथा अंतर्राष्ट्रीय कानून से केंद्रित प्रणाली का समर्थन करते हैं।

वांग यी ने कहा कि चीन और यूरोप संस्थागत प्रतियोगी नहीं, पर दीर्घकालिक व्यापक रणनीतिक साझेदार हैं। चीन अपनी विशेषता वाले समाजवादी रास्ते पर आगे बढ़ता रहेगा। लेकिन चीन अपनी व्यवस्था और विकास के मोड का निर्यात नहीं करेगा। हमारा रुख है कि विभिन्न प्रणालियों को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए और समानता से बातचीत करनी चाहिए। विभिन्न सभ्यताओं को भी एक दूसरे से सीखना चाहिए।

वांग यी ने यह आशा जतायी कि चीन और यूरोप दोनों को आर्थिक बहाली को बढ़ाने और उत्पादन श्रृंखला तथा आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता को बनाये रखने के लिए समान प्रयास करना चाहिये। दोनों पक्षों को मैक्रोइकॉनॉमिक नीतियों के समन्वय को मजबूत करना चाहिये और अनुसूची पर चीन-यूरोपीय संघ निवेश समझौते की बातचीत को पूरा करना चाहिये।

जोसेफ बोरेल ने कहा कि यूरोप चीन के विकास रास्ते का सम्मान करता है और विश्व में चीन की भूमिका को महत्व देता है। यूरोप एक दूसरे का समादर करने के आधार पर चीन के साथ बातचीत और सहयोग करना चाहता है, न कि प्रतिद्विंद्विता करे। यूरोप चीन के साथ संयुक्त रुप से प्रयास कर यूरोपीय संघ-चीन शिखर सम्मेलन तथा यूरोपीय संघ-चीन नेताओं की बैठक के आयोजन को बढ़ावा देगा। बहुपक्षीयवाद के सवाल पर चीन और यूरोप का रुख समान है।

वांग यी ने हांगकांग सवाल पर चीन सरकार के रुख पर प्रकाश डाला और दोनों पक्षों ने नाभिकीय अप्रसार, ईरानी नाभिकीय सवाल, कोरिया प्रायद्वीप, अफगानिस्तान, सीरिया, लीबिया तथा मध्य पूर्व शांति कार्यक्रम आदि के सवालों पर विचार विमर्श किया।

( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )

-- आईएएनएस

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