पेंडोरा पेपर्स : वित्तीय अपराध में अमीर और शाही परिवारों की भूमिका का खुलासा

November 19th, 2021

हाईलाइट

  • वित्तीय गोपनीयता रखने वाले व्यापार का केंद्र है यूएई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुबई के कॉर्पोरेट एन्क्लेव के भीतर बनाई गई ऑफशोर कंपनियों की कहानी दुनिया की वित्तीय राजधानियों में से एक के रूप में दुबई के उभरने, मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य वित्तीय अपराधों में संयुक्त अरब अमीरात की भूमिका पर नई रोशनी डालती है। यह बात इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) ने एक रिपोर्ट में कही है।

यूएई वित्तीय गोपनीयता रखने वाले व्यापार का केंद्र है। यह मुखौटा कंपनियों की पेशकश करता है, जो अपने असली मालिकों की पहचान छुपाते हैं। दर्जनों ऐसे आंतरिक मुक्त-व्यापार क्षेत्र हैं जो उन्हें छिपाने के लिए और भी अधिक पर्दा डालते हैं। पेंडोरा पेपर्स में 1.19 करोड़ से अधिक फाइलों में एसएफएम कॉर्पोरेट सर्विसेज की लगभग 190,000 गोपनीय फाइलें शामिल हैं जो एक यूएई-आधारित फर्म है। इसने खुद को दुनिया की नंबर एक ऑफशोर कंपनी फॉर्मेशन प्रोवाइडर के रूप में बिल किया है।

एसएफएम अमीरात में हजारों फर्मो में से एक है जो ग्राहकों को यूएई के बाहर रहने और व्यापार करने वाले लोगों को हार्ड-टू-ट्रैक कंपनियों सहित अन्य कंपनियों में शामिल होने में मदद करती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कंपनी वैश्विक वेब का हिस्सा है जो वकीलों, एकाउंटेंट और ऑपरेटरों की मदद से ऑफशोर वित्तीय प्रणाली को संभव बनाते हैं।

आईसीआईजे की समीक्षा में संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और अन्य ऑफशोर वित्तीय केंद्रों में कम से कम 2,977 कंपनियों के मालिकों की पहचान की गई, जिन्हें एसएफएम की मदद से शामिल किया गया था या इन्होंने एसएफएम से अन्य सेवाएं प्राप्त की थीं। इन कंपनियों के मालिकों में बेल्जियम के गोल्ड टाइकून, इंटरनेट मोगुल, डार्क वेब इम्पेरियो और 20 से अधिक अन्य लोग शामिल हैं, जिन पर दुनिया भर में वित्तीय अपराधों और अन्य गलत कामों के आरोप हैं। यह आईसीआईजे के शोध में पाया गया। एसएफएम 1, शेख जायद रोड स्थित एच होटल टॉवर की 16वीं मंजिल पर बने एक कार्यालय से कई वर्षो से संचालित की जा रही है। आईसीआईजे के शोध के मुताबिक यह इमारत संयुक्त अरब अमीरात के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख हज्जा बिन जायद अल नाहयान और उनके भाई के स्वामित्व में है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अबू धाबी अमीरात के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद यूएई के राष्ट्रपति बनने की कतार में हैं। एसएफएम के आंतरिक रिकॉर्ड के साथ पेंडोरा पेपर्स में यूएई से संबंधित हजारों अतिरिक्त फाइलें शामिल हैं  जिसमें सेशेल्स और अन्य न्यायालयों के दस्तावेज शामिल हैं  जो यूएई के शासक परिवारों के कम से कम 35 सदस्यों की ऑफशोर होल्डिंग को उजागर करते हैं।

डेटा में वर्णित ऑफशोर होल्डिंग्स के साथ हैवीवेट अमीरात रॉयल्स में शेख हजा शामिल हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में उनके उत्तराधिकारी उनके भाई शेख तहनून बिन जायद हैं और संयुक्त अरब अमीरात के प्रधान मंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम का नाम भी डेटा में है।

फाइलों से पता चलता है कि प्रधानमंत्री ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह में दो कंपनियों के माध्यम से डार्क मैटर के संस्थापक से जुड़े हुए हैं, जो संयुक्त अरब अमीरात स्थित साइबर सुरक्षा फर्म है। इस पर कई देशों में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों की जासूसी करने का आरोप लगा है।

सितंबर में डार्क मैटर के तीन पूर्व वरिष्ठ प्रबंधकों सभी पूर्व अमेरिकी सैन्य और खुफिया कर्मियों ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ एक स्थगित-अभियोजन समझौते में स्वीकार किया कि उन्होंने दुनिया भर में मोबाइल फोन और कंप्यूटर को हैक करने में मदद की थी। डार्क मैटर ने यूएई सरकार के साथ मिलकर काम करने की बात स्वीकार की है लेकिन इस बात से इनकार किया है कि यह हैकिंग में शामिल था।

लीक हुए रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि संयुक्त अरब अमीरात के सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून के पास अपंजीकृत बेयरर शेयरों का उपयोग करने वाली एक ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स कंपनी थी जो भौतिक रूप से शेयर प्रमाणपत्र रखती थी। हालांकि कई न्यायालयों ने लंबे समय से वित्तीय कदाचार से जुड़े वाहक शेयरों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

शेख तहनून इस साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 2016 की उद्घाटन समिति के अध्यक्ष, अमेरिकी अरबपति थॉमस बैरक से जुड़े एक अमेरिकी राजनीतिक घोटाले में उलझे हुए थे। एक अमेरिकी अभियोग में आरोप लगाया गया है कि बैरक ने यूएई के लिए एक अपंजीकृत एजेंट के रूप में उच्च-स्तरीय अमीरातियों को सहायता प्रदान करके काम किया जिसमें एक अमीराती अधिकारी भी शामिल है जिसे व्यापक रूप से शेख तहनून समझा जाता है। उसने ट्रंप प्रशासन की नीतियों को गुप्त रूप से प्रभावित किए जाने की मांग की थी। बैरक ने अनुरोध किया है कि उसे दोषी न माना जाए।

 

(आईएएनएस)

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