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पाकिस्तान: इंडियन हाईकमीशन के दो ऑफिसर अरेस्ट, भारत ने कहा- अफसरों को तुरंत दूतावास भेजा जाए

June 15th, 2020 19:10 IST
पाकिस्तान: इंडियन हाईकमीशन के दो ऑफिसर अरेस्ट, भारत ने कहा- अफसरों को तुरंत दूतावास भेजा जाए

हाईलाइट

  • इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारी गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में कार्यरत दो अधिकारियों के लापता होने के बाद अब उनकी गिरफ्तारी की खबर है। इस खबर के आने के बाद भारत ने पाकिस्तानी हाईकमीशन को समन भेजा। इस विरोध पत्र में पाकिस्तान से कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए अफसरों से किसी तरह की पूछताछ की जाए और अफसरों को तुरंत उनकी कार समेत भारतीय दूतावास भेजा जाए। इन अफसरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है।

सुबह 08.30 बजे आई थी अफसरों के लापता होने की खबर
सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास के दो अफसरों के लापता होने की खबर आई थी। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से इन दोनों अफसरों का फौरन पता लगाने को कहा। शाम को इन अफसरों के हिट एंड रन मामले में इस्लामाबाद में गिरफ्तार होने की खबर आई। जियो न्यूज ने कुछ चश्मदीदों के हवाले से खबर दी कि बीएमडब्ल्यू कार ने एक पैदल यात्री को टक्कर मार दी और भागने का प्रयास किया। पैदल यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। कार को भीड़ ने रोका और दोनों लोगों को इस्लामाबाद पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया, पुलिस ने पाया कि दोनों व्यक्ति भारतीय उच्चायोग के अधिकारी थे।

भारतीय राजनचिक को परेशान करना नई बात नहीं
कुछ दिन पहले आईएसआई एजेंट्स ने भारतीय राजनयिक गौरव अहलूवालिया की कार का पीछा किया था। भारत ने इसके खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए पाकिस्तान को डिप्लोमेटिक नोट दिया था। इसमें कहा गया था कि मार्च से अब तक भारतीय राजनयिकों को परेशान या पीछा करने की 13 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। भारत ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान में यह सिलसिला फौरन रुकना चाहिए।  

पाकिस्तानी जासूस गिरफ्तार हुए थे
इससे पहले मिलिट्री इंटेलिजेंस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के जॉइंट ऑपरेशन में तीनों स्टाफ मेंबरों को पकड़ा था। इनमें दो वीजा अधिकारी और एक ड्राइवर है।दोनों वीजा ऑफिसर आबिद हुसैन और महोम्मद ताहिर पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी ISI के अधिकारी है। जासूसी का शक होने के बाद से लंबे समय से इन ऑफिसर्स पर नजर रखी जा रही थी।42 वर्षीय आबिद हुसैन पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित शेखपुरा जिला जबकि 44 वर्षीय मोहम्मद ताहिर इस्लामाबाद का रहने वाला है। दोनों दिल्ली की सड़कों पर खुलेआम घूमते थे और जासूसी करते थे, लेकिन फर्जी आईडी बनाकर खुद को भारतीय बताते थे। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।