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विरोध के बाद वॉट्सऐप ने हटाए पीछे कदम, कहा- नए अपडेट से फेसबुक के साथ डाटा शेयर करने की व्यवस्था नहीं बदलेगी

विरोध के बाद वॉट्सऐप ने हटाए पीछे कदम, कहा- नए अपडेट से फेसबुक के साथ डाटा शेयर करने की व्यवस्था नहीं बदलेगी

हाईलाइट

  • वॉट्सऐप के विकल्प टेलीग्राम और सिग्नल को यूजर्स पसंद कर रहे हैं
  • एलन मस्क ने नए यूजर्स को सिग्नल से जुड़ने की अपील की

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सएप ने शनिवार को कहा कि उसके नए अपडेट से फेसबुक के साथ डाटा शेयर करने की नीतियों में कोई बदलाव नहीं होगा। व्हाट्सएप पर फेसबुक का पूर्ण स्वामित्व है। व्हाट्सएप ने यह सफाई नए अपडेट की दुनिया भर में हो रही कड़ी आलोचनाओं के बाद दी है।

बता दें कि वॉट्सऐप ने इस सप्ताह की शुरुआत में यूजर्स को वॉट्सऐप उपयोग करने के लिए शर्तों और गोपनीयता की नीति के बारे में अपडेट देना शुरू किया था। इसके तहत यूजर्स को अपना पर्सनल डाटा शेयर करना था। इसके बाद सिग्नल और टेलीग्राम जैसे प्रतिद्वंद्वी ऐप के डाउनलोड में वृद्धि देखी जा रही है। 

सिग्नल ऐप का सर्वर हुआ ओवरलोड
टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क भी इस बहस में कूद पड़े और उन्होंने लोगों से व्हाट्सएप का इस्तेमाल बंद करने की अपील भी की। इसके बाद से सिग्नल पर यूजर्स लगातार बढ़ रहे हैं। यहां तक कि सिग्नल ऐप को एक साथ इतने वेरिफिकेशन कोड्स भेजने पड़े कि उसका सर्वर ओवरलोड हो गया।

सिग्नल एप सिर्फ फोन नंबर स्टोर करता है
बता दें कि सिग्नल ने दिसंबर 2020 में अपने लेटेस्ट वर्जन्स के साथ ग्रुप कॉल लॉन्च किया है और एन्क्रिप्टेड दिया है। सिग्नल पर्सनल डेटा के तौर पर सिर्फ आपका फोन नंबर स्टोर करता है और ऐप इसे आपकी पहचान से जोड़ने की कोई कोशिश नहीं करता है। जबकि टेलीग्राम आपसे पर्सनल इनफॉर्मेशन के तौर पर कॉन्टैक्ट इंफो, कॉन्टैक्ट्स और यूजर ID मांगता है।

टेलीग्राम पर लगभग 500 मिलियन यूजर्स बढ़े
इस बीच, शनिवार को टेलीग्राम के फाउंडर और सीईओ पावेल डुरोव ने सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी फेसबुक को फटकार लगाई। उन्होंने अपने ब्लॉग में कहा है कि यह कोई आश्चर्य नहीं है कि कई सालों से चल रहे टेलीग्राम पर वॉट्सऐप के यूजर्स में तेजी देखी गई है। डुरोव ने कहा कि फेसबुक की पूरी टीम इस तलाश में जुटीं है कि आखिरकार टेलीग्राम पर यूजर्स की संख्या कैसे बढ़ती जा रही है? साथ ही उन्होंने कहा- यूजर्स का सम्मान करना चाहिए। टेलीग्राम पर लगभग 500 मिलियन यूजर्स का बढ़ना फेसबुक के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है।

व्हाट्सएप के प्रमुख ने दी सफाई
व्हाट्सएप के प्रमुख विल कैथार्ट ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए इस बारे में अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपनी नीति पारदर्शी होने और पीपुल-टू-बिनजेस के वैकल्पिक फीचर की जानकारी देने के लिए अपडेट की है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना हमारे लिए महत्वपूर्ण है कि यह अपडेट कारोबार संबंधी जानकारियां देने के लिए है। इससे फेसबुक के साथ डाटा साझा करने की हमारी नीतियों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।