दैनिक भास्कर हिंदी: Covid-19 : बेल्जियम में कोरोनावायरस के वर्ल्ड हाईएस्ट डेथ रेट की क्या है वजह?

April 25th, 2020

हाईलाइट

  • कोरोनावायरस का कहर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है
  • बेल्जियम में कोरोनावायरस के वर्ल्ड हाईएस्ट डेथ रेट की क्या वजह?
  • यहां का पर-केपिटा डेथ रेट अमेरिका से लगभग 4 गुना ज्यादा है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। घातक कोरोनावायरस का कहर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। अब तक इस वायरस से 28 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि करीब 2 लाख लोगों की इससे मौत हो चुकी है। हालांकि कुछ देशों में कोविड-19 का पर-केपिटा डेथ रेट काफी ज्यादा है। इसमें सबसे आगे बेल्जियम है। बेल्जियम में अब तक कोरोनावायरस के 45,325 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 6,917 लोगों की मौत हुई है। 10,417 लोगो वायरस के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। केवल 11 मिलियन की आबादी वाले इस देश में इस बीमारी से चीन से ज्यादा मौतें हुई है। यहां का पर-केपिटा डेथ रेट अमेरिका से लगभग 4 गुना ज्यादा है। ऐसे में सवाल उठता  है कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि बेल्जियम में कोरोनावायरस से इतना ज्यादा मौते हो रही है? आइए जानते हैं:

लक्षणों के आधार पर मरने वालों की गिनती
बेल्जियम में कोरोनावायरस से प्रति एक लाख लोगों में 57 मौत हुई है। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के आंकड़े की वजह अस्पताल की कमी नहीं है। यहां पर संकट के चरम पर भी 43% इंटेंसिव केयर बेड खाली थे। इन आंकड़ों की वजह कोरोनावायरस से मरने वालों की गिनती का तरीका है। कई अन्य देशों के विपरीत इस देश में कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या की गिनती लक्षणों के आधार पर की जा रही है। साइनसानो पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट में वायरल डिसीज डिविजन के प्रमुख स्टीवन वान गुच्च ने कहा कि 'लोग अक्सर आलोचना करते हैं- ओह, आप ऐसा करके बेल्जियम की स्थिति को खराब दिखा रहे हैं। लेकिन हमें लगता है कि यह इसके विपरीत है। यदि आप बहुत से अन्य देशों के साथ हमारी संख्या की तुलना करना चाहते हैं, तो आपको कुल मामलों की संख्या को आधा करना होगा।'

आउटब्रेक की सही स्थिति का अंदाजा लगाना है मकसद
वृद्ध आश्रमों में कोविड-19 के टेस्ट किए बिना लगभग 95 प्रतिशत मौतों को लक्षण और उनके लोगों से संपर्क के आधार पर लिस्ट में शामिल किया गया है। इसका मकसद कोरोनावायरस आउटब्रेक की सही स्थिति का अंदाजा लगाना और हॉट स्पॉट के बारे में पता लगाना है। बेल्जियम में हर दिन 300 से अधिक लोगों की मौत होती है, लेकिन इस साल यह आंकड़ा 600 के करीब पहुंच गया है। अन्य यूरोपीय देश बेल्जियम की ही तरह से प्रभाव को नहीं माप रहे हैं, जिसका मतलब है कि यहा मरने वालों की संख्या आधिकारिक आकंड़ों से ज्यादा हो सकती है। बता दें ऑफिशियल डेटा के अनुसार यूरोप में 24 अप्रैल 2020 तक कोरोनावायरस से 116,279 मौतें हो चुकी है।

 

Statistic: Number of coronavirus (COVID-19) deaths in Europe since February 2020 (as of April 24, 2020), by country and date of report | Statista
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स्पेन को भी बदलना पड़ा था डेटा
लक्षणों के आधार पर जब कैटेलोनिया ने लोगों को लिस्ट में शामिल करना शुरू किया तो पिछले हफ्ते स्पेन को भी अपने ऐतिहासिक डेटा को बदलना पड़ा था। एक स्थानीय रेडियो प्रसारणकर्ता ने बताया कि स्पैनिश नर्सिंग होम में 6,800 से अधिक बुजुर्गों की मृत्यु कोरोनावायरस के लक्षणों के साथ हुई, लेकिन ऑफिशयल डेटा में इसे दर्ज नहीं किया गया। जर्मनी में कोरोनावायरस से कम डेथ रेट का कारण केवल उन मौतों को शामिल करना है जिनका टेस्ट पॉजिटव आया है। 

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