comScore

संरा आतंकवाद से लड़ाई को लेकर प्रतिबद्ध : महासभा अध्यक्ष (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

June 01st, 2020 17:32 IST
 संरा आतंकवाद से लड़ाई को लेकर प्रतिबद्ध : महासभा अध्यक्ष (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

हाईलाइट

  • संरा आतंकवाद से लड़ाई को लेकर प्रतिबद्ध : महासभा अध्यक्ष (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

संयुक्त राष्ट्र , 1 जून (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मुहम्मद-बंदे ने कहा कि विश्व निकाय आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर दृढ़ संकल्पित है और सभी सदस्य राष्ट्र सहमत हैं कि यह एक जरूरी मुद्दा है।

उन्होंने आईएएनएस से एक विशेष साक्षात्कार में कहा, आतंकवाद पर जवाबी कार्रवाई (काउंटर-टेरेरिज्म) एक ऐसा मुद्दा है, जिसकी अर्जेसी पर सब सहमत हैं और संयुक्त राष्ट्र ने इसके खिलाफ आगे बढ़ाने के तरीके विकसित किए हैं।

संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों की अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर एक व्यापक संधि पर एक साथ आने में असर्थता के मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, हो सकता है कि आपके पास एक संधि न हो। विस्तृत सवालों ने इसे रोक दिया है लेकिन सच्चाई यह है कि संयुक्त राष्ट्र ने आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में अगुवाई की है।

उन्होंने कहा, व्यवहारिक तौर पर, संयुक्त राष्ट्र के पास आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई से संबंधित मजबूत नियम मौजूद हैं।

उन्होंने इस दिशा में काउंटर-टेरेरिज्म के लिए अंडर-सेक्रेटरी-जनरल व्लादिमीर वोरोकोव और उनके कार्यालय के कार्य के उदाहरण दिए।

मुहम्मद-बंदे ने कहा, महासभा द्वारा 2017 में आतंकवाद-विरोधी संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को स्थापित किया गया था, जिसके तहत विश्व की खुफिया एजेंसियों के प्रमुख आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रक्रिया और नियमों पर चर्चा हेतु एक साथ आए और यह एक चीज थी, जिसपर सभी का मानना था कि यह अर्जेट है।

उन्होंने न्यूयार्क से वीडियो-टेलीकांफ्रेंसिंग के जरिए कहा, यह विश्व प्रणाली में बेहद ही महत्वपूर्ण तत्व है।

कोविड-19 की वजह से संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में लॉकडाउन की वजह से वह न्यूयार्क से वेडियो-टेलीकांफ्रेंसिंग के जरिए सवालों का जवाब दे रहे थे।

इस आतंकवाद रोधी संधि की पेशकश भारत द्वारा 1996 में की गई थी, लेकिन यह आतंकवाद और आतंकवादियों की कार्रवाई को परिभाषित करने के मुद्दे पर विभिन्न देशों के मतभेद के चलते फलीभूत नहीं हो पाई, क्योंकि कुछ देश आतंकवादियों के स्वतंत्रता सेनानी होने का दावा करते हैं।

हालांकि, संयुक्त राष्ट्र तीन संधियों को अपनाने में सफल हुआ, जिसमें आतंकवादियों द्वारा विस्फोट, आतंकवाद का वित्तपोषण और परमाणु आतंकवाद की कार्रवाई से निपटने की बात कही गई।

मुहम्मद-बंदे (62) को महासभा का सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया था। वह नाइजीरिया के राजनयिक बनने से पहले एक शिक्षाविद् और रणनीतिकार थे।

महासभा में लगभग दो दशकों से लंबित पड़े सुरक्षा परिषद में सुधार के मामले पर उन्होंने कहा कि यह सबसे मुश्किल कार्यों में से एक है, क्योंकि इसके लिए महासभा में सहमति होना और परिषद के स्थायी सदस्यों में भी सहमति होना जरूरी है, जिनके पास वीटो करने की शक्ति है।

उन्होंने कहा, महासभा सत्र की शुरूआत में इस दिशा में काफी अच्छी तरह बढ़ा ,लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में बैठक करना मुश्किल हो रहा है और बातचीत काफी कठिन है, व्यक्तिगत रूप से उन्हें संचालित करना आसान है। इस वजह से मौजूदा प्रक्रिया में कुछ उपलब्धि हासिल करने में देरी हुई है।

उन्होंने कहा, सुधार के मुद्दों में प्रभावी प्रदर्शन के लिए परिषद के आकार को सुनिश्चित करना, क्षेत्रीय सदस्यता और प्रतिनिधित्व और क्या वीटो जारी रहेगा और अगर यह रहेगा तो, तो क्या इसमें संशोधन होगा, यह सभी शामिल है।

महासभा और परिषद के संबंध के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद है और यह कोई अलग मुद्दा नहीं है। संगठन क्या करता है, इसे उसी अनुसार आगे बढ़ना और सीखना है और एक ही दिशा में आगे बढ़ना है।

उन्होंने कहा, महासभा सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाली है क्योंकि यहां सभी सदस्यों के लिए बराबर वोट, आवाज और कॉलेजियम है।

कमेंट करें
CHY18
NEXT STORY

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इस अवसर पर पेटीएम मनी के सीईओ, वरुण श्रीधर ने कहा, "हमारा उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंचाना है, जो आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करेगी। हमारा मानना है कि यह मिलेनियल और नए निवेशकों को उनके वेल्थ पोर्टफोलियो के निर्माण में सक्षम बनाने का समय है। प्रौद्योगिकी पर आधारित हमारे समाधान शेयर में निवेश को सरल और आसान बनाता है। हम वर्तमान उत्पादों को चुनौती देते रहेंगे और भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद का निर्माण करते रहेंगे। हम पेटीएम मनी को सभी भारतीय के लिए एक व्यापक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

इतने कम समय में पेटीएम मनी पर स्टॉक ट्रेडिंग को व्यापक रूप से अपनाया जाना काफी महत्व रखता है। यह हर भारतीय के लिए डिजिटल निवेश को आसान बनाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना को भी दर्शाता है। शेयरों में आसान निवेश के साथ, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को बाजार के बारे में शोध करने, मार्केट मूवर्स का पता लगाने, अनुकूल वॉचलिस्ट तैयार करने और 50 से अधिक शेयरों के लिए प्राइस अलर्ट सेट करने के अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता स्टॉक के लिए साप्ताहिक / मासिक एसआईपी सेट कर सकते हैं, और स्टॉक में निवेश को आॅटोमेट कर सकते हैं। बिल्ट-इन ब्रोकरेज कैलकुलेटर के साथ, निवेशक लेनदेन शुल्क का पता लगा सकते हैं और शेयरों को लाभ पर बेचने के लिए ब्रेक-इवेन प्राइस जान सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक ट्रेडिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड चार्ट और अन्य विकल्प जैसे कवर चार्ट तथा ब्रैकेट ऑर्डर भी जोड़े गए हैं। इन सुविधाओं के अलावा बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ निवेशकों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखते हुए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।