Iran-US Tension: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पेजेश्कियान का बड़ा बयान, कहा- ‘न युद्ध, न शांति’ से बाहर निकलने का यही रास्ता

डिजिटल डेस्क, तेहरान। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तेहरान की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने वॉशिंगटन के साथ हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का समर्थन किया है। इसे लेकर उनका कहना है कि ‘न युद्ध, न शांति’ जैसे हालात से देश को बाहर निकालने के लिए यह सबसे बेहतर रास्ता है।
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ईरानी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
रविवार को सरकारी समाचार एजेंसी IRNA से बातचीत करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, "इस समझौते में एक भी ऐसा प्रावधान नहीं है, जो आत्मसमर्पण के बराबर हो।" उन्होंने यह भी बताया, "सुप्रीम लीडर ही नीतियां तय करते हैं और हम उसी रास्ते पर चलेंगे।"
युद्ध के चलते देश को बड़ा आर्थिक नुकसान
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इस समझौते को देश की आर्थिक स्थिति से जुड़ा हुआ बताया है। उनका कहना है कि जंग के इस गतिरोध वाले दौर में ईरान विदेशी निवेश आकर्षित करने में असमर्थ है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल के साथ जारी जंग के बीच कड़े प्रतिबंध और नौसैनिक नाकेबंदी है। इस वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है।
ईरानी शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने दी चेतावनी
दूसरी तरफ, ईरानी शीर्ष सुरक्षा संस्था के नए चीफ ने कड़ा रुख अपनाया है और चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पड़ोसी देश ईरान पर ज्यादा प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिकी धमकियों का समर्थन करता है, तो ईरान भी कड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा।
पिछले हफ्ते खत्म हुई समय सीमा
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से जून में इस MoU पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके साथ ही ईरान के युद्ध खत्म करने और उसके परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने के लिए 60 दिनों की समय सीमा तय की गई थी। हालांकि, यह तय समय सीमा पिछले हफ्ते खत्म हो गई है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी, 2026 को ईरान पर पहला हमला किया था। इसके बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव गहराया हुआ है।
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