डेनमार्क में चुनाव की तारीखों का ऐलान: पीएम फ्रेडरिक्सन ने 7 महीने पहले घोषणा करने का किया दावा, क्या ग्रीनलैंड के मुद्दे पर मिली सफलता?

पीएम फ्रेडरिक्सन ने 7 महीने पहले घोषणा करने का किया दावा, क्या ग्रीनलैंड के मुद्दे पर मिली सफलता?
डेनमार्क में 24 मार्च को चुनाव होने वाले हैं। पीएम फ्रेडरिक्सन के इस फैसले का लाभ अमेरिका के दबाव के खिलाफ लिया गया है, जो बड़े स्तर पर इसका समर्थन मिलेगा।

डिजिटल डेस्क, नुउक। डेनमार्क में संसदीय चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। यह घोषणा प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने गुरुवार की है। उन्होंने आगे दावा करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच 7 महीने पहले की इलेक्शन करवाने का ऐलान कर दिया था।

डेनमार्क में कब होंगे चुनाव?

न्यूज रॉयटर्स ने बताया कि डेनमार्क में 24 मार्च को चुनाव होने वाले हैं। पीएम फ्रेडरिक्सन के इस फैसले का लाभ अमेरिका के दबाव के खिलाफ लिया गया है, जो बड़े स्तर पर इसका समर्थन मिलेगा। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि फ्रेडरिक्सन यूरोपीय देशों को एकजुट करने में सफल रही, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में लेने की बात कही थी।

पीएम फ्रेडरिक्सन ने अपने बयान में बताया, "यह एक निर्णायक चुनाव होगा, अगले चार साल में हमें डेनमार्क के नागरिकों और यूरोपीय नागरिकों को अपने पैरों पर खड़ा होना होगा।" उनका कहना है, "हमें अमेरिका के साथ अपने संबंधों को परिभाषित करना होगा और अपने महाद्वीप में शांति को निश्चित करने के लिए दोबारा सशस्त्र होना होगा।"

फ्रेडरिक्सन अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत

ग्रीनलैंड के मुद्दे पर पीएम फ्रेडरिक्सन अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत बनी है। अब चुनाव में यह देखना होगा कि मतदाता उनके इस फैसले पर कितना मजबूती से खरे उतरते हैं या फिर घरेलू समस्याओं की वजह से उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ये तय तो चुनाव के परिणाम आने के बाद ही होगा।

डेनमार्क की मौजूदा सरकार में पीएम फ्रेडरिक्सन, जो सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी, रक्षा मंत्री ट्रोल्स लुंड पॉल्सन के नेतृत्व वाली मध्य-दक्षिणपंथी लिबरल पार्टी, दो बार पीएम रह चुके विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन, वो मॉडरेट्स की एक असामान्य अंतर-दलीय की गठबंधन वाली है।

सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी के वोट प्रतिशत में सुधार

सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी को 2025 के म्युनिसिपल चुनाव में करारी हार का सामान करना पड़ा था। इसके साथ ही 87 वर्षों में पहली बार कोपेनहेगन के मेयर पद भी हार गई थी। इसके अलावा दिसंबर में हुए चुनावों में पार्टी का समर्थन गिरकर 17 प्रतिशत रह गया, लेकिन ग्रीनलैंड विवाद को संभालने के बाद फ्रेडरिक्सन की लोकप्रियता में सुधार देखने को मिला। इसके बाद उनका वोट प्रतिशत बढ़कर 22 फीसदी हो गया। वहीं, 2022 के आम चुनाव में उनकी पार्टी को 28 प्रतिशत मतदान मिले थे।

Created On :   27 Feb 2026 12:32 AM IST

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