गूगल ने किया बड़ा खुलासा: विश्व के 42 देशों के डेटा में सेंध लगा रहा था चीन, ड्रैगन का अंतरराष्ट्रीय साइबर जासूसी नेटवर्क ध्वस्त

विश्व के 42 देशों के डेटा में सेंध लगा रहा था चीन, ड्रैगन का अंतरराष्ट्रीय साइबर जासूसी नेटवर्क ध्वस्त
तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप के मुख्य विश्लेषक जॉन हल्टक्विस्ट ने कहा यह एक विशाल जासूसी तंत्र था, जो एक दशक से सक्रिय था। जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर व्यक्तियों और विशिष्ट संस्थानों की निगरानी करना था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया के सामने ड्रैगन की करतूत सामने आई है, दुनिया में तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल ने चीन के एक बेहद संगठित और खतरनाक अंतरराष्ट्रीय साइबर जासूसी नेटवर्क को तबाह कर दिया है, गूगल की ओर से ऐसा दावा किया जा रहा है। गूगल ने इसे प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल बताया। उन्होंने ये भी कहा यह किसी प्रोडक्ट की तकनीकी खामी नहीं है।

फौरन कार्रवाई करते हुए गूगल ने हैकिंग ग्रुप की ओर से नियंत्रित क्लाउड प्रोजेक्ट को क्लॉज कर दिया है और उनके इंटरनेट बुनियादी ढांचे को इनएक्टिव कर दिया है। हमलों का उद्देश्य कॉल डाटा रिकॉर्ड और एसएमएस संदेशों की चोरी करना था।

गूगल ने जानकारी देते हुए बताया कि चीन से जुड़े एक हैकिंग समूह यूएनसी2814 ने विश्व भर के 42 देशों के कम से कम 53 प्रमुख संगठनों के डेटा में सेंधमारी की थी। इस हैंकिग समूह को गैलियम भी कहा जाता है। हैंकिग का यह समूह करीब एक दशक से सक्रिय है।

गूगल थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप के चीफ विश्लेषक जॉन हल्टक्विस्ट ने जानकारी देते हुए कहा कि यह एक विशाल जासूसी सिस्टम है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर व्यक्तियों और विशिष्ट संस्थानों की निगरानी करना था। हैकरों ने ग्रिडटाइड नामक एक गुप्त बैकडोर स्थापित किया था, जिससे लोगों की निजी जानकारी तक पहुंचा जा रहा था। हल्टक्विस्ट का कहना है कि जासूसी नेटवर्क मुख्य रूप से सरकारी संस्थाओं और दूरसंचार कंपनियों को अपना निशाना बनाता है।

Created On :   26 Feb 2026 3:30 PM IST

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